पठानकोट-हिमाचल बॉर्डर का हाल, सरकार के ऐलान के बावजूद टोल प्लाजा पर नई रेट लिस्ट जारी; वाहन चालक परेशान
हिमाचल सरकार के एंट्री टैक्स बढ़ोतरी वापस लेने के दावों के बावजूद, पठानकोट-हिमाचल सीमा पर कंडवाल टोल बैरियर पर बढ़ी हुई दरें अब भी वसूली जा रही हैं। ...और पढ़ें

पठानकोट-हिमाचल बॉर्डर का हाल (फोटो: जागरण)

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संवाद सूत्र, धार कलां। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी राज्य के आने वाले वाहनों पर एंट्री टैक्स बढ़ोतरी को लेकर किए जा रहे दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सरकार भले ही बढ़े हुए टैक्स को वापस लेने के दावे कर रही हो, लेकिन पठानकोट-हिमाचल सीमा पर स्थित कंडवाल (हि.प्र) एंट्री टोल बैरियर पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत नजर आई।
मीडिया टीम द्वारा मौके पर जाकर की गई पड़ताल में सामने आया कि टोल बैरियर के कर्मचारी पंजाब से हिमाचल की ओर जाने वाले वाहन चालकों से अब भी बढ़ी हुई दरों के अनुसार एंट्री टैक्स वसूल रहे हैं। इतना ही नहीं, टोल प्लाजा पर लगी रेट लिस्ट में भी पुराने मुकाबले बढ़े हुए रेट स्पष्ट रूप से दर्शाए गए हैं, जिसके आधार पर ही वसूली जारी है। स्थानीय वाहन चालकों और सैलानियों ने इस स्थिति पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए इसे सरकार की कथनी और करनी में स्पष्ट अंतर बताया।
उनका कहना है कि जहां एक ओर सरकार जनता को राहत देने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पहले निजी वाहनों से प्रतिदिन 70 रुपये एंट्री टैक्स लिया जाता था, जिसे 1 अप्रैल से बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है, यानी करीब 43 प्रतिशत की सीधी वृद्धि।
इसी प्रकार अन्य वाहनों पर भी भारी बढ़ोतरी की गई है। 5 सीटर प्राइवेट कार/जीप/वैन: 70 से 100 रुपये, मालवाहक जीप 170 रुपये, 32 सीटर मिनी बस 180 से 250 रुपये, कमर्शियल बस 320 से 600 रुपये, निर्माण कार्य मशीनरी 570 से 800 रुपये, बड़े मालवाहक वाहन 720 से 900 रुपये, ट्रैक्टर 70 से 100 रुपये कर दिए गए हैं। हालांकि डबल एक्सल बस और ट्रक के टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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वाहन चालकों का कहना है कि नई दरें 31 मार्च की रात 12 बजे से लागू कर दी गई हैं, जिससे रोजाना हिमाचल जाने वाले लोगों और सैलानियों पर सीधा आर्थिक असर पड़ा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि या तो बढ़ोतरी को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए या फिर स्पष्ट रूप से स्थिति को सार्वजनिक किया जाए।
कंडवाल एंट्री टोल बूथ पर जारी यह वसूली हिमाचल सरकार के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस मामले पर क्या स्पष्टीकरण देती है और आम जनता को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।