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    PU में 14 करोड़ का स्कॉलरशिप घोटाला, पटियाला प्रशासन से मांगा मुख्य आरोपी निशु चौधरी का रिकॉर्ड; ईडी करेगी जांच

    Updated: Sun, 28 Jun 2026 08:44 AM (IST)

    ईडी ने पंजाबी यूनिवर्सिटी के 14 करोड़ के स्कॉलरशिप घोटाले में मुख्य आरोपी निशु चौधरी और अन्य की 20 से अधिक संपत्तियों का रिकॉर्ड पटियाला के सब रजिस्ट् ...और पढ़ें

    पीयू के स्कालरशिप घोटाले की जांच ईडी के पास पहुंची (फोटो: जागरण)

    पीयू के स्कालरशिप घोटाले की जांच ईडी के पास पहुंची (फोटो: जागरण)

    HighLights

    1. ईडी ने स्कॉलरशिप घोटाले में 20 से अधिक संपत्तियों का रिकॉर्ड मांगा।

    2. मुख्य आरोपी निशु चौधरी सहित अन्य की संपत्तियों की जांच।

    3. मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 के तहत हो रही है कार्रवाई।

    जागरण संवाददाता, पटियाला। पंजाबी यूनिवर्सिटी में करोड़ के यूजीसी स्कॉलरशिप घोटाले में नया मोड़ आ गया है। मामले की जांच ईडी के पास पहुंच चुकी है। ईडी ने इस मामले के पटियाला के सब रजिस्ट्रार दफ्तर को एक पत्र जारी किया है।

    ईडी द्वारा जारी किए पत्र में स्कालरशिप घोटाले के मुख्य आरोपित निशु चौधरी की प्रापर्टी का ब्योरा देने को कहा गया है। बीस से अधिक संपत्तियों का रिकार्ड सब रजिस्ट्रार कार्यालय से मांगा गया है। इसके अलावा ईडी ने कविता चौधरी, रवि कपूर, पूजा कपूर की प्रापर्टी का रिकार्ड भी मांगा गया है।

    ईडी द्वारा भेजे पत्र में बताया गया है कि मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 के तहत इस मामले की जांच की जा रही है। यह सभी प्रॉपर्टी पटियाला के गांव डीलवाल की बताई जा रही है। दूसरी और पंजाबी यूनिवर्सिटी द्वारा स्कॉलरशिप मामले की जांच करने के लिए एक कमेटी गठित की गई थी, कमेटी की रिपोर्ट में 14 करोड़ का घोटाला होने के बारे में बताया गया था।

    कमेटी द्वारा अपनी रिपोर्ट यूनिवर्सिटी प्रशासन के पास सब्मिट भी की जा चुकी है। उधर इस मामले की जांच में अब ईडी भी लगी हुई है। क्योंकि स्कालरशिप घोटाले 14 करोड़ से अधिक का बताया जा रहा है और इस मामले में यूनिवर्सिटी के विभिन्न अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।

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    जानकार बताते है कि कमेटी द्वारा जो रिपोर्ट यूनिवर्सिटी प्रशासन को सौंपी गई है, में कुछ अधिकारी व कर्मचारियों के नाम शामिल है। मामले की जांच में भी ढील बरती जा रही है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कोई भी अधिकारी इस मामले पर बोलने को तैयार नहीं है। उधर सब रजिस्ट्रार गुलाब सिंह थिंद ने कहा कि दफ्तर में पत्र आया है, रिकार्ड मांगा गया है, पत्र के अनुसार रिकॉर्ड तैयार करके भेज दिया जाएगा।