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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Punjab News: पराली के धुएं ने बढ़ाया प्रदूषण, बठिंडा में सांस लेना भी हुआ मुश्किल; AQI हुआ 500 के पार

    Updated: Mon, 14 Oct 2024 09:03 AM (IST)

    पंजाब में पराली जलाने और पटाखों के कारण वायु गुणवत्ता खराब हो गई है। बठिंडा में एक्यूआई 500 तक पहुंच गया है जो सबसे खतरनाक स्तर है। राज्य के अन्य जिलो ...और पढ़ें

    पंजाब में पराली जलाने से बढ़ा प्रदूषण (फाइल फोटो)
    पंजाब में पराली जलाने से बढ़ा प्रदूषण (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से 100 से ज्यादा है AQI।
    2. किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक कर रही है सरकार।
    3. इस हवा में लंबे समय तक सांस लेना हानिकारक।

    जागरण संवाददाता, पटियाला। राज्य में पराली जलाने की घटनाओं में तेजी से हो रही बढ़ोतरी के साथ ही शहरों की हवा में प्रदूषण का स्तर भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। प्रदूषण का स्तर किस तेजी से बढ़ रहा है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बठिंडा में दशहरे के दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 500 तक पहुंच गया। इस स्तर को सबसे खतरनाक माना जाता है और इस हवा में लंबे समय तक सांस लेना स्वस्थ लोगों के लिए भी हानिकारक है।

    रविवार को बठिंडा का AQI 344

    रविवार को भी बठिंडा में एक्यूआई 344 दर्ज किया गया जोकि अब भी घातक है। इसी तरह राज्य के दूसरे जिलों में भी एक्यूआई का बढ़ना चिंता का विषय बना हुआ है। बता दें कि राज्य सरकार की ओर से लगातार किसानों को पराली को न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

    हर जिले में तैनात की गई हैं विशेष टीमें

    इसके अलावा हर जिले में विशेष टीमें तैनात की गई हैं जोकि जिले में कहीं भी पराली जलने पर तुरंत कार्रवाई करती हैं। इस कार्रवाई के तहत संबंधित किसान को जुर्माना लगाना और उसके खिलाफ केस दर्ज करना शामिल है। पंजाब पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो राज्य के अधिकतर जिलों में पिछले कुछ दिनों से एक्यूआई 100 से ज्यादा है।

    12 अक्टूबर को एक्यूआई

    शहर
    औसत
    अधिकतम
    बठिंडा 236 500
    रोपड़ 109 109
    अमृतसर 139 264
    मंडी गोबिंगदगढ़ 107 266
    लुधियाना 102 256

    खन्ना

    119 167

    जालंधर

    84 142

    पटियाला

    101 111

    13 अक्टूबर को एक्यूआई

    शहर
    औसत
    अधिकतम
    बठिंडा 210 344
    लुधियाना 121 301

    अमृतसर

    102 145

    जालंधर

    108 144

    रोपड़

    90 156

    पटियाला

    106 111

    खन्ना

    84 104

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    एयर क्वालिटी इंडेक्स के पैरामीटर

    • 0-50 तक एक्यूआई बेहतर माना जाता है और इसका न्यूनतम दुष्प्रभाव।
    • 51-100 तक एक्यूआई संतोषजनक माना जाता है। इस हवा में सांस लेने से संवेदनशील लोगों को मामूली सांस की तकलीफ हो सकती है।
    • 101-200 तक एक्यूआई मध्यम माना जाता है। इस हवा में सांस लेने से फेफड़े, अस्थमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
    • 201-300 तक एक्यूआई खराब माना जाता है। इस हवा में लंबे समय तक सांस लेने से अधिकांश लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
    • 301-400 तक एक्यूआई बहुत खराब माना जाता है। इस हवा में लंबे समय तक सांस लेने से सांस संबंधी बीमारियां हो सकती हैं।
    • 401-500 तक एक्यूआई खतरनाक माना जाता है। इस हवा में लंबे समय तक सांस लेना स्वस्थ लोगों के लिए हानिकारक है और मौजूदा बीमारियों से ग्रस्त लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।

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