यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Farmers Protest: शुभकरण का तीन दिन बाद भी नहीं हुआ पोस्टमार्टम, किसानों ने रख डाली ये शर्त; छावनी में बदला अस्पताल
Farmers Protest पंजाब के किसान शुभकरण का तीन दिन बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। शुभकरण का शव रजिंदरा अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। इसे पुल ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, पटियाला। Farmers Protest: पंजाब के किसान शुभकरण की मौत के तीन दिन बाद भी उसका पोस्टमार्टम नहीं हो सका। दातासिंहवाला बॉर्डर पर किसानों के दिल्ली कूच के दौरान हुई हिंसा में किसान शुभकरण की मृत्यु हो गई थी।
शुभकरण का शव रजिंदरा अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। इसे पुलिस ने छावनी में तबदील करते हुए मार्चरी के दोनों रास्तों पर पुलिस तैनात करने के साथ-साथ बैरिकेडिंग भी कर दी है। ताकि कोई भी व्यक्ति बिना काम से वहां न जाए।
मोर्चरी के अंदर आने-जाने वालों पर रोक
वहीं मीडिया को भी मोर्चरी के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। मौके पर मौजूद एसपी सिटी सरफराज आलम ने कहा कि उच्च अधिकारियों के आदेशों पर ही अगली कार्रवाई की जाएगी। बता दें शुभकरण की मौत के बाद किसानों ने एलान किया कि जब तक हत्यारों को सजा नहीं दी जाएगी तब तक अंतिमसंस्कार नहीं किया जाएगा।

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भगवंत मान ने किया ये एलान
वहीं दूसरी ओर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मृतक किसान के परिवार को एक करोड़ की वित्तीय सहायता देने का एलान किया है। साथ ही शुभकरण की छोटी बहन को सरकारी नौकरी देने का भी एलान किया है। खनौरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन में बठिंडा निवासी शुभकरण का अभी तक पोस्टमार्टम नहीं किया गया है। सरकारी राजेंद्र हॉस्पिटल मोर्चरी के बाहर पुलिस तैनात की गई है।