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    कांग्रेस के पूर्व विधायक मदन लाल की बढ़ीं मुश्किलें, पार्टी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस; वेणुगोपाल-बघेल पर की टिप्पणी

    Updated: Tue, 07 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    पंजाब कांग्रेस ने पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर को पार्टी विरोधी गतिविधियों और केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया ...और पढ़ें

    कांग्रेस के पूर्व विधायक जलालपुर। फाइल फोटो

    कांग्रेस के पूर्व विधायक जलालपुर। फाइल फोटो

    HighLights

    1. पूर्व विधायक जलालपुर को कांग्रेस का कारण बताओ नोटिस।

    2. पार्टी विरोधी गतिविधियों, केंद्रीय नेतृत्व पर बयानबाजी का आरोप।

    3. तीन दिन में जवाब न देने पर होगी कड़ी कार्रवाई।

    जागरण संवाददाता, पटियाला। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में वरिष्ठ नेता और घनौर से पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई अनुशासनात्मक समिति के अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री अवतार हैनरी द्वारा की गई है। जलालपुर पर आरोप है कि उन्होंने मीडिया के सामने कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ अनुशासनहीन बयान दिए।

    अनुशासन समिति के चेयरमैन अवतार हैनरी द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी को जलालपुर के खिलाफ लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि पूर्व विधायक ने मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस पार्टी के उच्च कमान, राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और गैरजिम्मेदाराना टिप्पणियां कीं।

    शिकायतकर्ता ने इस बातचीत की वीडियो रिकार्डिंग भी सबूत के तौर पर समिति को सौंपी है, जिसे नोटिस के साथ संलग्न किया गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जलालपुर के नकारात्मक बयानों और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पंजाब कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष और आक्रोश है।

    अनुशासन समिति ने जलालपुर को अपना पक्ष रखने के लिए तीन दिन का अंतिम अवसर दिया है। चेयरमैन अवतार हैनरी ने चेतावनी दी है कि यदि पूर्व विधायक निर्धारित तीन दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो यह माना जाएगा कि उनके पास अपने बचाव में कुछ नहीं है।

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    ऐसी स्थिति में, पार्टी के संविधान और नियमों के अनुसार उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस नोटिस के जारी होने के बाद, राज्य की राजनीति में और विशेष रूप से कांग्रेस के आंतरिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। जलालपुर की स्थिति ने पार्टी के भीतर असंतोष को और बढ़ा दिया है, जिससे कांग्रेस की एकता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।