यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Patiala News: फसल अवशेष जलाने वालों के नहीं बनेंगे असलहा लाइसेंस, न ही होंगे रिन्यू
पंजाब के पटियाला शहर की डीसी साक्षी साहनी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए जिले में फसल के अवशेष जलाने पर रोक लगाने के लिए कठोर कदम उठाया है। इस संबंध ...और पढ़ें

HighLights
- DC ने लिया फैसला- फसल अवशेष जलाने पर उठाए जाएंगे कठोर कदम।
- फसल अवशेष जलाने वालों को नए असलहा लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे।
- लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए पड़ताल रिपोर्ट अनिवार्य है।
पटियाला, जागरण संवाददाता। डीसी साक्षी साहनी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए जिले में फसल अवशेष जलाने (Burnt Residue Crop) पर रोक लगाने के लिए कठोर कदम उठाया है। इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार, फसल अवशेष जलाने वालों को नए असलहा लाइसेंस (Arms License) जारी नहीं किए जाएंगे और न ही पुराने असलहा लाइसेंसधारियों के लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाएगा।
लाइसेंस रिन्यू करने के लिए पड़ताल रिपोर्ट अनिवार्य है
डीसी ने कहा कि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए यह जरूरी है कि जब कोई व्यक्ति नए असलहा लाइसेंस या पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन जमा करता है तो उसकी दस्तावेज पड़ताल रिपोर्ट अनिवार्य है। गेहूं के अपशिष्ट जलाने के संबंध में राजस्व रिकार्ड में एंट्री राजस्व अधिकारी से प्राप्त की जाएगी।
यदि दस्तावेज में लाल एंट्री दर्ज की जाती है तो शस्त्र अधिनियम 1959 एवं 2016 की धारा 14(1)(बी)(1)(3) के प्रावधानों के तहत आवेदक, शस्त्र लाइसेंस धारी को किसी भी कारण से लाइसेंस के लिए अयोग्य घोषित किया जाता है। उसका आवेदन खारिज कर दिया जाएगा।
फसल जलाने से मिट्टी कठोर हो जाती है
डीसी साक्षी साहनी ने कहा कि किसानों द्वारा अपने खेतों में धान की पराली या धान या फसल के अवशेषों में आग लगाना आम बात है, जिससे काफी प्रदूषण होता है। इस धुएं के कारण कई दुर्घटनाएं होती हैं और कीमती जानें चली जाती हैं। इसके अलावा धुएं से जहरीली गैसें भी निकलती है, जो अन्य बीमारियों को बढ़ाती हैं। इस धुएं के कारण छोटे बच्चों के मानसिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और आग के कारण भूमिगत तापमान बढ़ जाता है और खेतों में कार्बनिक पदार्थ भी जल जाते हैं, जिससे मिट्टी शुष्क और कठोर हो जाती है।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें- India Canada Row: लॉरेंस बिश्नोई, हरविंदर रिंदा के गुर्गों पर NIA का शिकंजा; कनाडा से टेरर फंडिंग होने का दावा
कम हो जाती है मिट्टी की उर्वरता
इसकी जल अवशोषण क्षमता कम हो जाती है। इसके अलावा तापमान बढ़ने से नाइट्रोजन, फास्फोरस, सल्फर पोटाश जैसे आवश्यक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं और मित्र कीट भी मर जाते हैं। जिससे मिट्टी की उर्वरता भी कम हो जाती है। इसलिए फसल के ठूंठ, अपशिष्ट और ठूंठ को जलाने से रोकने के लिए यह आदेश जारी किया गया है।