पटियाला में स्कूल बस की टक्कर से 12वीं के दो छात्रों की मौत, गुस्साए लोगों ने जाम की सड़क
पटियाला में एक निजी स्कूल बस की टक्कर से 12वीं कक्षा के दो छात्रों की मौत हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क ...और पढ़ें

पटियाला में स्कूल बस की टक्कर से 12वीं के दो छात्रों की मौत (File Photo)
HighLights
स्कूल बस ने मोटरसाइकिल सवार दो छात्रों को टक्कर मारी
हादसे में 12वीं कक्षा के मोहित और प्रिंस की मौत
ग्रामीणों ने सड़क जाम कर स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई मांगी
जागरण संवाददाता, पटियाला। पातड़ां-जाखल रोड पर गांव खानेवाल के पास वीरवार सुबह आठ बजे एक निजी स्कूल की बस ने मोटरसाइकिल सवार 12वीं कक्षा के दो विद्यार्थियों को टक्कर मार दी। इससे दोनों की मौत हो गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने पातड़ां-जाखल रोड पर धरना देकर यातायात ठप कर दिया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन और बस चालक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
करीब 18 वर्षीय गांव हरियाऊ कलां निवासी मोहित कुमार और प्रिंस कुमार मोटरसाइकिल पर संगरूर जिले के गांव बंगा स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने जा रहे थे। इसी दौरान मूनक के निकट गांव हमीरगढ़ के एक निजी स्कूल की बस ने सामने से आ रहे मोटरसाइकिल सवार बच्चों को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस दोनों छात्रों को करीब 100 फीट तक घसीटती ले गई। हादसे में मोहित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रिंस ने अस्पताल में दम तोड़ा।
पातड़ां के डीएसपी गुरदीप सिंह संधू और थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने मृतकों के स्वजनों को आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी स्कूल बस चालक के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
बाद में प्रदर्शनकारियों की मांग के अनुसार मामला दर्ज होने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल समाना भेजा गया। मृतकों के परिवारों ने आरोप लगाया कि 25 सीट वाली स्कूल बस में करीब 45 विद्यार्थियों को बैठाया गया था, जिससे गंभीर लापरवाही बरती गई।
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व्यवस्था पर उठाए सवाल: शवों को रखने के लिए नहीं मिले फ्रीजर
इस बीच कांग्रेस नेता अमरजीत सिंह घग्गा और पलविंदर कौर हरियाऊ ने बच्चों के परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सरकारी अस्पताल पातड़ां में अव्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुबह आठ बजे अस्पताल पहुंचने के बावजूद दोनों छात्रों के शवों को शाम चार बजे तक फ्रीजर की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई। शवों को रखने के लिए फ्रीजर किसी अन्य संस्था से मंगवाना पड़ा।
माता-पिता का इकलौता बेटा था मोहित
मोहित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने मृतक छात्रों के परिवारों के बयान पर स्कूल प्रबंधन और बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
बस चालक की गिरफ्तारी के लिए शाम तक दिया धरना
हादसे के बाद गांव खानेवाल, हरियाऊ खुर्द और हरियाऊ कलां के लोगों का धरना वीरवार शाम तक जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक फरार हुए बस चालक को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। धरनाकारियों ने आरोप लगाया कि संबंधित स्कूल की बसें जर्जर हैं और रंग-रोगन करके उन्हें सड़क पर उतार दिया जाता है। इन बसों में सरकार की ओर से जारी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता।
दसवीं के बाद पढ़ाई के लिए दूसरे गांव जाने को मजबूर छात्र
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में केवल दसवीं कक्षा तक का सरकारी स्कूल है। स्कूल को सीनियर सेकेंडरी स्तर तक अपग्रेड करने के लिए कई बार सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की। गांव और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को दसवीं के बाद पढ़ाई के लिए गांव बंगा या पातड़ां शहर जाना पड़ता है।
ॉग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल खुलने और छुट्टी के समय सरकारी बसें बस स्टैंड पर नहीं रुकतीं। ऐसे में विद्यार्थियों के पास निजी साधनों से स्कूल जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं। ग्रामीणों ने सरकार से गांव के स्कूल को 12वीं तक अपग्रेड करने तथा विद्यार्थियों के लिए नियमित सरकारी बस सेवा सुनिश्चित करने की मांग की।