Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    पटियाला में 35 विभागों की 477 सेवाएं ठप, सेवा केंद्र कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर; लोग हुए परेशान

    Updated: Wed, 27 May 2026 07:01 PM (IST)

    पटियाला में सेवा केंद्र कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे 35 विभागों की 477 सरकारी सेवाएं ठप हो गई हैं। ...और पढ़ें

    हड़ताल पर सेवा केंद्र के कर्मचारी (जागरण फोटो)

    हड़ताल पर सेवा केंद्र के कर्मचारी (जागरण फोटो)

    HighLights

    1. पटियाला में सेवा केंद्र कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर।

    2. 35 विभागों की 477 सरकारी सेवाएं पूरी तरह ठप।

    3. कर्मचारियों की मांगें पूरी न होने तक हड़ताल जारी।

    बलविंदरपाल सिंह,पटियाला। सेवा केंद्र में काम करने वाले कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद 35 विभागों की 477 सेवाएं ठप हो चुकी हैं। सरकार द्वारा यह सभी सेवाएं लोगों को सेवा केंद्र में मुहैया कराई जाती हैं।

    जिला में 42 सेवा केंद्र हैं। इनमें से टाइप-1, जोकि जिला स्तरीय व मिनी सचिवालय में स्थित हैं। इसके अलावा टाइप-2 में 17 सुविधा केंद्र, यह शहरी क्षेत्र और टाइप-3, यह सभी रूरल इलाकों में स्थित हैं। सभी सेवा केंद्रों को कर्मचारियों द्वारा बुधवार को बंद रखा गया।

    हड़ताल के दौरान सेवा केंद्रों में टोकन जारी ही नहीं किए गए। यहां मिनी सचिवालय वाले टाइप-1 के आगे जिला के सेवा केंद्रों में काम करने वाले सवा दो सौ कर्मचारियों द्वारा धरना देकर रोष प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने यह भी ऐलान किया कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तक उनकी यह हड़ताल जारी रहेगी और हड़ताल के दौरान कोई भी कर्मचारी अपना दफ्तरी कार्य नहीं करेगा। पहले दिन धरने पर बैठे कर्मचारियों से न तो कोई प्रशासनिक कर्मचारी मिलने पहुंचा और न संबंधित कंपनी अधिकारी।

    जानकारी अनुसार सेवा केंद्र कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जन्म सर्टीफिकेट, असलहा लाइसेंस, आरटीओ दफ्तर, नगर निगम, सेहत विभाग, एसडीएम दफ्तर, तहसील दफ्तर, डीसी दफ्तर, फूड एंड सिविल सप्लाइज दफ्तर, सब रजिस्ट्रार दफ्तर, खजाना दफ्तर, इनकम टैक्स विभाग के अलावा विभिन्न विभागों से संबंधित सेवाएं ठप रहीं।

    खबरें और भी

    हालांकि रोजाना की तरह सुबह आठ बजे लोग सेवा केंद्र में पहुंचे तो उन्हें मौके पर पहुंचकर ही पता चला कि सेवा केंद्र बंद हैं, उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी और बिना काम कराए ही वापिस जाना पड़ा। बता दें कि यहां मिनी सचिवालय में ही रोजाना सौ से अधिक व्यक्ति काम कराने के लिए आते है।

    हड़ताल के बारे में पता होता तो यहां न आता। सेवा केंद्र पहुंचकर ही पता चला कि यहां हड़ताल चल रही है। हड़ताल किसी की भी हो, परेशान पब्लिक को ही होना पड़ता है। प्रशासन को चाहिए था कि अगर हड़ताल है तो पब्लिक सूचना जारी करता, ताकि पब्लिक यहां न आती। सारा कामकाज छोड़कर यहां सेवा केंद्र में आमदन सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आया था, पर अब बिना काम कराए ही वापिस जाना पड़ रहा है।--चन्न सिंह, पब्लिक

    राजिंदर प्रसाद ने कहा,

    गर्मी इतनी ज्यादा पड़ रही है कि लोग मुश्किल से यहां सेवा केंद्र में अपना काम कराने के लिए पहुंचते हैं, पर यहां पहुंचकर पता चलता है कि हड़ताल के कारण बिना काम कराए ही वापिस जाना पड़ेगा। बड़ी परेशानी होती है, जब ऐसा माहौल बन जाता है। आधार कार्ड में अपडेशन करानी थी, पर यहां सेवा केंद्र बंद होने के कारण काम नहीं हो सका। -राजिंदर प्रसाद, पब्लिक

    मनोज कुमार कहते हैं...

    सरकार दावे करती है कि लोगों का काम पहल के आधार पर होगा, पर यहां तपती गर्मी में पब्लिक परेशान हो रही है। सेवा केंद्र बंद है। काम कराने के लिए आया और यहां आकर पता चला कि हड़ताल के चलते केंद्र को बंद रखा गया है। अब फिर कामकाज छोड़कर दोबारा यहां आना पड़ेगा। प्रशासन को चाहिए कि वह पब्लिक को परेशान करने वालों पर कार्रवाई करे। -मनोज कुमार,पब्लिक

    एडीसी के भरोसे के बाद भी सेवा केंद्र कर्मचारी रखेंगे हड़ताल जारी

    हड़ताल पर चल रहे सेवा केंद्र कर्मचारियों की मीटिंग एडीसी अनुप्रीता जौहल से हुई। एडीसी ने कर्मचारियों को भरोसा दिया कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। पर हड़ताल खत्म करने को लेकर कोई सहमति न बनी।

    सेवा केंद्र कर्मचारी यूनियन के प्रधान दविंदर सिंह ने कहा कि लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों को रेगुलर करने, 58 वर्ष तक नौकरी की सिक्योरिटी देना अैर वर्कलोड के हिसाब से कर्मचारियों को वेतन देने की मांग प्रशासन के आगे रखी गई है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तक उनकी यह हड़ताल जारी रखी जाएगी और इस हड़ताल में जिला के सभी कर्मचारी शामिल रहेंगे और कोई कर्मचारी अपना काम नहीं करेगा।