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भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में उतरा SKM, सारे पंजाब में 4 घंटे टोल प्लाजा फ्री; आर-पार के मूड में किसान

Published: Wed, 22 Jul 2026 01:46 PM (IST)

संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में पंजाबभर के टोल प्लाजा 11 बजे से 3 बजे तक निशुल्क कर दिए।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में उतरा SKM (फोटो: जागरण)

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में उतरा SKM (फोटो: जागरण)

HighLights

  1. संयुक्त किसान मोर्चा ने टोल प्लाजा किए निशुल्क।

  2. भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील का किया विरोध।

  3. किसानों को आर्थिक नुकसान का जताया डर।

जागरण संवाददाता, पटियाला। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को पूरे पंजाब में सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक विभिन्न टोल प्लाजाओं को आम लोगों के लिए निशुल्क कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान संगठनों के सदस्य अलग-अलग टोल प्लाजाओं पर पहुंचे और वाहनों को बिना टोल टैक्स के गुजरने दिया।

पटियाला-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित धरेड़ी जट्टां टोल प्लाजा पर भी किसानों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर टोल प्लाजा को निर्धारित समय तक फ्री कराया। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड समझौते का विरोध जताया।

किसान नेताओं का कहना है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील लागू होने से देश के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उनका आरोप है कि विदेशी कृषि उत्पादों के आयात से किसानों की फसलें उचित मूल्य पर नहीं बिक पाएंगी, वहीं छोटे व्यापारियों और स्थानीय कारोबार पर भी इसका गंभीर असर पड़ेगा।

इससे पहले मंगलवार को भी संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान संगठन शंभू बार्डर और खनौरी बार्डर पर एकत्र हुए थे, जहां उन्होंने केंद्र सरकार से प्रस्तावित ट्रेड समझौते को रद्द करने की मांग उठाई थी।

क्रांतिकारी किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह लाली ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के सभी घटक संगठनों ने एकजुट होकर पूरे पंजाब में टोल प्लाजाओं को निशुल्क कराया है। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांग भारत-अमेरिका ट्रेड समझौते को तत्काल रद्द करना है, क्योंकि इससे किसान, मजदूर और छोटे व्यापारी सबसे अधिक प्रभावित होंगे।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार किसानों की आवाज नहीं सुनेगी तो संयुक्त किसान मोर्चा अपना आंदोलन और तेज करेगा। आने वाले दिनों में भाजपा नेताओं के कार्यालयों और अन्य सरकारी संस्थानों के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे ताकि सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचाई जा सके।

सुखविंदर सिंह लाली ने कहा कि वर्ष 2020-21 के किसान आंदोलन की तरह इस संघर्ष में भी किसान, मजदूर, ट्रेड यूनियन और समाज के विभिन्न वर्ग किसानों के साथ खड़े हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब के लोग इस आंदोलन को लगातार समर्थन देते रहेंगे और केंद्र सरकार को किसानों की मांगें मानने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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