यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कृषि मंत्री शिवराज के बेटे की शादी, फिर कैसे होगी केंद्र के साथ कल किसानों की बैठक? पंधेर बोले- 25 को करेंगे दिल्ली कूच
किसान नेता एकता मजबूत करने में जुटे हैं। शंभू बॉर्डर पर धरने को एक साल पूरा होने पर महापंचायत का आयोजन किया गया। किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते ...और पढ़ें

HighLights
- 'केंद्र के साथ मीटिंग के बाद अगली रणनीति पर करेंगे काम'
- केंद्र के साथ बैठक से पहले एकता मजबूत करने में जुटे किसान।
संवाद सहयोग, राजपुरा (पटियाला)। केंद्र सरकार के साथ कल 14 फरवरी को चंडीगढ़ में तय बैठक से पहले किसान नेता एकता मजबूत करने में जुट गए हैं। इसी के तहत आज गुरुवार को शंभू बॉर्डर पर धरने को एक साल पूरा होने पर किसान मजदूर मोर्चा गैर राजनीतिक ने सरवन सिंह पंधेर की अगुवाई में महापंचायत का आयोजन किया।
इस मौके पर किसान नेताओं ने केंद्र सरकार से अपने किए वादों को पूरा करने की मांग करते हुए सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार किसानों की मांगों को पूरा करें, नहीं तो आंदोलन और तेज होगा। 25 फरवरी को फिर से दिल्ली कूच के लिए जत्था रवाना किया जाएगा।
मीटिंग में कौनसे मंत्री होंगे शामिल
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि अब तक 43 किसान शहीद हो चुके हैं। आागमी 21 फरवरी को नौजवान किसान शुभकरन सिंह की शहीदी को एक वर्ष पूरा हो जाएगा, जिसको लेकर उसके गांव बलोंपुर के साथ बड़े स्तर पर शंभू, खनौरी व रत्ननगर बॉर्डर पर श्रद्धांजलि समारोह रखा जाएगा। कल केंद्र के साथ बैठक के बारे में उन्हें अभी तक कोई मैसेज नहीं किया कि कौन से मंत्री इस मीटिंग में शामिल होंगे।
मंत्रियों के साथ मीटिंग का न्योता मिला था, परंतु कल कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे के विवाह का पता चला है। अगर मंत्री नहीं आते तो हम अधिकारियों से मीटिंग संबंधी अपने तय किए डेपुटेशन के लोगों के समक्ष बात रखेंगे और फिर आगे की रणनीति तय करेंगे।
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प्रत्येक किसान पर 2 लाख का कर्ज
किसान नेता काका सिंह कोटड़ा ने कहा कि जब तक एमएसपी गारंटी कानून नहीं बनता, तब तक कॉर्पोरेट घरानों और व्यापारियों पर नकेल नहीं डाली जा सकती। एक रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में प्रत्येक किसान पर 2 लाख रुपये का कर्ज है, जिसके कारण एमएसपी गारंटी कानून लागू नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा अभी हमारी लड़ाई बहुत लंबी है। दोनों मोर्चों को इकट्ठा होकर लड़ाई लड़नी पड़ेगी। हमारे दोनों मोर्चे एकता से कभी पीछे नहीं हटे हैं और हम एकता के पक्ष में हैं। वहीं भारतीय किसान नौजवान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि वह हमेशा एकता के पक्ष में रहे हैं और रहेंगे।
हम एकता के प्रयास करेंगे ताकि सरकार को जल्दी से जल्दी झुकाया जा सके। जगजीत सिंह डल्लेवाल ने अपने किसानों के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी है।
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