AAP विधायक पठानमाजरा से मिले सुखबीर बादल और मनजिंदर सिंह सिरसा, पंजाब में सियासी हलचल तेज
आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के आवास पर सुखबीर बादल और मनजिंदर सिंह सिरसा की मुलाकात ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। ...और पढ़ें
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AAP विधायक पठानमाजरा से मिले मनजिंदर सिंह सिरसा। फोटो जागरण
HighLights
सुखबीर बादल और मनजिंदर सिरसा ने पठानमाजरा से मुलाकात की।
बंद कमरे की बैठक से पंजाब में सियासी अटकलें बढ़ीं।
पठानमाजरा के अकाली दल में वापसी की संभावना जताई जा रही है।
जागरण संवाददाता, पटियाला। आम आदमी पार्टी (आप) के सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के आवास पर आयोजित शुकराना समागम रविवार को उस समय राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया, जब शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव तथा दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा इस समागम के संबंध में पठानमाजरा के आवास पर पहुंचे।
दोनों नेताओं की पठानमाजरा के साथ हुई बंद कमरे की मुलाकात ने पंजाब की राजनीति में नए कयासों को जन्म दे दिया है। इस बारे में जब इन दोनों सीनियर लीडरों से मीडिया ने बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार करते हुए कहा कि यह एक निजी समागम है और वह इस समागम में शामिल होने आए थे।
दिलचस्प बात यह रही कि इस समागम में आम आदमी पार्टी का पटियाला जिला से संबंधित कोई बड़ा लीडर शामिल नहीं हुआ। सुखबीर और सिरसा, दोनों नेताओं ने कुछ समय तक बंद कमरे में विधायक पठानमाजरा से बातचीत की। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि हाल के समय में पंजाब की राजनीति में लगातार बदलते समीकरणों के बीच यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चर्चाएं इस बात को लेकर हैं कि हरमीत सिंह पठानमाजरा भविष्य में आम आदमी पार्टी से दूरी बनाकर किसी अन्य राजनीतिक दल का दामन थाम सकते हैं। सबसे अधिक संभावना उनके पुनः शिरोमणि अकाली दल में जाने की जताई जा रही है।
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पार्टी जानकार तो यह भी कहते हैं कि सुखबीर बादल का उनके घर व्यक्तिगत दौरा इस बात का संकेत है कि अकाली दल आम आदमी पार्टी के असंतुष्ट गुट को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है। इतना ही नहीं, शिरोमणि अकाली दल ने सनौर को छोड़कर पटियाला जिले की सभी विधानसभा सीटों के प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। ऐसे में सनौर से पठानमाजरा के लिए अकाली दल के दरवाजे खुल चुके हैं।
गौरतलब है कि हरमीत सिंह पठानमाजरा आम आदमी पार्टी में शामिल होने से पहले शिरोमणि अकाली दल से जुड़े रहे हैं और क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पहचान भी अकाली दल के नेता के रूप में रही है। वह बीते सालों के दौरान पटियाला यूथ अकाली दल के जिला प्रधान भी रहे हैं। ऐसे में अकाली नेतृत्व के साथ उनकी निकटता को लेकर उठ रहे सवालों ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
उधर, आम आदमी पार्टी अथवा हरमीत सिंह पठानमाजरा की ओर से इस मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं अकाली दल और भाजपा नेताओं ने भी मुलाकात के उद्देश्य पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है।
फिलहाल इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक अटकलों का दौर जारी है। आने वाले दिनों में यदि हरमीत सिंह पठानमाजरा की राजनीतिक दिशा को लेकर कोई बड़ा फैसला सामने आता है तो यह पंजाब की क्षेत्रीय राजनीति, विशेषकर सनौर विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।