पटियाला के वाईपीएस स्कूल में चार छात्रों की बिगड़ी तबीयत तबीयत, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश
पटियाला के यादविंदर पब्लिक स्कूल (वाईपीएस) के कई छात्र बीमार पड़ गए, जिनमें फूड पॉइजनिंग की आशंका है।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
वाईपीएस पटियाला के कई छात्र हुए बीमार, फूड पॉइजनिंग की आशंका
स्वास्थ्य मंत्री ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए
चार छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में छुट्टी मिली
जागरण संवाददाता, पटियाला। शहर के प्रतिष्ठित यादविंदर पब्लिक स्कूल (वाईपीएस) के कुछ विद्यार्थियों की अचानक तबीयत खराब हो गई। विद्यार्थियों में फूड पाइजनिंग की आशंका जताई जा रही है।
मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार वाईपीएस स्कूल के हास्टल में रहने वाले कई छात्र बीमार हुए हैं, जिनमें से चार छात्रों को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
स्वास्थ्य मंत्री के नोटिस में आने के बाद उन्होंने मौके पर संबंधित अस्पताल और सिविल सर्जन से जानकारी लेकर जांच के आदेश दिए। बता दें कि वाईपीएस स्कूल पटियाला के शाही घराने से संबंधित है और इसके मौजूदा चेयरमैन राजा मालविंदर सिंह हैं जोकि कै. अमरिंदर सिंह के छोटे भाई हैं। पूर्व में कै. अमरिंदर की माता राजमाता मोहिंदर कौर इस स्कूल की चेयरपर्सन रही हैं।
प्राइवेट अस्पताल में करवाया भर्ती
स्वास्थ्य मंत्री डा. बलबीर ने बताया कि वाईपीएस स्कूल के बच्चे बीमार हुए हैं, जिनमें से चार बच्चे एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि बाकी बच्चों की हालत मामूली रूप से प्रभावित होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
उन्होंने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि बच्चों की तबीयत खराब होने का असल कारण क्या था।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बच्चे स्कूल से बाहर गए थे और संभव है कि उन्होंने बाहर से कुछ खाया हो। हालांकि, बच्चों के बीमार होने का सही कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मामले की पूरी जांच की जा रही है और यदि जांच के दौरान किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब भर में जहां भी बच्चों के लिए खाना तैयार किया जाता है, वहां सफाई का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। खाना बनाने वाली जगह साफ-सुथरी होनी चाहिए और खाना तैयार करने वाले लोगों को भी सफाई के नियमों का पालन करना चाहिए।
बच्चों में छोटी उम्र से ही सफाई की अच्छी आदतें विकसित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि खाना खाने से पहले साबुन से हाथ अच्छी तरह धोना और सफाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बचपन में डाली गई अच्छी आदतें पूरी जिंदगी साथ रहती हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया कैंपस दौरा
इस संबंधी जानकारी देते हुए जिला एपिडेमियोलाजिस्ट डॉ. दिवजोत सिंह ने बताया कि बच्चों के बीमार होने का मामला सामने आने पर उच्च अधिकारियों के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्कूल कैंपस का दौरा किया।
इस दौरान हास्टल मेस और अन्य जगहों पर खाने-पीने की जगहों की जांच की गई और सब कुछ दुरुस्त पाया गया। उन्होंने बताया कि बीमार होने वाले चारों बच्चे हॉस्टल में रहने वाले थे।
उन्हें उल्टियां और दस्त की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था और बच्चों में फूड पाइजनिंग के लक्षण दिखाई दिए थे। उन्होंने बताया कि बाद में सभी विद्यार्थियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
