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    मतांतरण रोकने के लिए SGPC निकालेगी खालसाई मार्च, जत्थेदार गड़गज ने किया एलान

    Updated: Thu, 05 Mar 2026 08:58 PM (IST)

    आनंदपुर साहिब में होला महल्ला के दौरान जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने सिख पहचान, राजनीतिक हालात और कौमी मसलों पर चिंता जताई। उन्होंने धर्म परिवर्तन रोक ...और पढ़ें

    धर्म परिवर्तन रोकने हेतु एसजीपीसी निकालेगी खालसाई मार्च

    धर्म परिवर्तन रोकने हेतु एसजीपीसी निकालेगी खालसाई मार्च

    HighLights

    1. मतांतरण रोकने हेतु एसजीपीसी निकालेगी खालसाई मार्च

    2. गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी पर सख्त कानून की मांग

    3. बंदी सिंहों की रिहाई और सिख शिक्षा पर जोर

    संवाद सहयोगी, आनंदपुर साहिब (रूपनगर)। आनंदपुर साहिब में होला महल्ला के आखिरी दिन श्री आनंदपुर साहिब के विभिन्न गुरुघरों में बड़ी संख्या में संगत नतमस्तक हुई। इस दौरान तख्त श्री केसगढ़ साहिब में तख्त के जत्थेदार एवं अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सिख कौम के अनोखे अस्तित्व, मौजूदा राजनीतिक हालात और कौमी मसलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि खालसा पंथ किसी बहुसंख्यक का हिस्सा नहीं है, बल्कि गुरु साहिब द्वारा बख्शी एक अलग और अनोखी पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि लालच में आकर धर्म बदलने के मामलों को रोकने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) श्री अकाल तख्त साहिब, तख्त श्री केसगढ़ साहिब और तख्त श्री दमदमा साहिब से 'गुरसिखा एको प्यार गुरमिता पूता भैया' खालसाई मार्च निकाला जाएगा, जिसमें पंजाब में मौजूद तीनों तख्त साहिबों से हर गांव और हर शहर तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

    उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी को रोकने के लिए भारतीय संविधान में एक विशेष और सख्त कानून बनाने की मांग की। कौम के भविष्य संबंधी उन्होंने सिख शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने साल 2049 तक का लक्ष्य रखते हुए कहा कि हर गुरुद्वारा कमेटी पढ़ाई में अव्वल बच्चों की मदद करे, जिससे वह उच्च पदों पर पहुंच सकें।

    जत्थेदार ने होला महल्ला की ऐतिहासिक महत्ता का जिक्र करते कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह ने सिखों को गुलामी की जंजीरें तोड़ने के लिए सशत्रों और अभ्यासी जंग से जोड़ा था। उन्होंने मौजूदा समय में कैमिकल रंगों का इस्तेमाल को सिख रिवायतों के उलट बताया और कौम को बाणी के रंग में रंगने की अपील की। उन्होंने बंदी सिंहों का मुद्दा जोर शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि बलवंत सिंह राजोआणा और जगतार सिंह हवारा जैसे योद्धा लंबे समय से जेलों में बंद हैं। उन्होंने सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ संगीन जुर्मों वाले अखौती साधो को छुट्टियां दी जा रही हैं, लेकिन सिख कैदियों को अपनी बुजुर्ग मां को मिलने की इजाजत भी नहीं दी जा रही।

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    भाई तारा सिंह की 300वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित खालसाई मार्च आठ से

    उन्होंने एसजीपीसी को सिखों की नुमाइंदा जमात बताते संस्थाओं को कमजोर करने की साजिशों से सुचेत रहने के लिए कहा। उन्होंने एलान किया कि भाई तारा सिंह की 300वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित आठ से बारह मार्च तक श्री अकाल तख्त साहिब से खालसाई मार्च निकाला जाएगा, जो तरनतारन के विभिन्न गांवों से होता हुआ संपन्न होगा। गड़गज ने चेतावनी दी कि अगर देश में सिख कमजोर होंगे तो यह मुल्क भी कमजोर होगा, क्योंकि सरहदों पर सबसे अधिक शहादतें सिखों की हैं।