यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत बिगड़ी, बुखार की वजह से हाथ में सूजन; ड्रिप भी लगाना मुश्किल
Farmers Protest खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल (Jagjeet Singh Dallewal) की हालत नाजुक बनी हुई है। 93वें दिन भी मरण व्रत पर डटे डल्लेवा ...और पढ़ें

HighLights
- बुधवार को 93वें दिन भी डल्लेवाल मरण व्रत पर डटे रहे
- सुबह पांच बजे अचानक उन्हें 103 डिग्री बुखार चढ़ गया
- बुखार की वजह से उन्हें ड्रिप तक नहीं लग पाई, हाथ में आई सूजन
संवाद सूत्र, संगरूर। Farmers Protest News: खनौरी बॉर्डर पर किसानों की मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत नाजुक बनती जा रही है। बुधवार को 93वें दिन भी डल्लेवाल मरण व्रत पर डटे रहे, लेकिन उनकी सेहत अब जवाब देने लगी है।
पिछले दो दिन से उनकी हालत खराब हो रही है। ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है, सुबह पांच बजे अचानक उन्हें 103 डिग्री बुखार चढ़ गया। ऐसे में वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम में भगदड़ मच गई और उन्होंने ट्रीटमेंट शुरू कर दिया, लेकिन डल्लेवाल का बुखार की वजह से हाथ सूज गया।
ड्रिप लगाने के लिए नहीं मिल रही नस
बुखार उतारने के लिए माथे पर ठंडे पानी की पट्टी रखी गई। ड्रिप लगाने के लिए बाजू की नस भी नहीं मिल रही है। ऐसे में कुल मिलाकर जगजीत सिंह डल्लेवाल (Jagjeet Singh Dallewal) की हालत को लेकर डॉक्टर और किसान संगठन चिंता में हैं।
यह भी पढ़ें- डल्लेवाल की सेहत बेहद नाजुक, सुप्रीम कोर्ट अब AIIMS की लेगा मदद; कहा- जल्द से जल्द पेश करें हेल्थ रिपोर्ट
किसान नेता काका सिंह कोटड़ा व अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि डल्लेवाल का बुखार उतारने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां माथे पर रखी गई थी, जिससे उनको आराम मिला। इसके बाद नस में ड्रिप लगाने की कोशिश की, परन्तु नस नहीं मिली। नेताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि किसानों की मांगों को मानकर डललेवाल की जान बचाई जाए।
खबरें और भी
92 दिन से आमरण अनशन पर बैठे डल्लेवाल की हालत बिगड़ी
इसस पहले मंगलवार को खनौरी किसान मोर्चे पर आमरण अनशन के 92वें दिन जगजीत सिंह डल्लेवाल का स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ गया। उस समय उनका ब्लड प्रेशर 176/107 तक पहुंच गया। इसके बाद किसान मोर्चे पर मौजूद डॉक्टरों की टीम ने डल्लेवाल का ट्रीटमेंट किया, तब जाकर उनका ब्लड प्रेशर स्थिर हुआ।
डॉक्टरों द्वारा लगातार डल्लेवाल के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि 92 दिन के अनशन के दौरान डल्लेवाल ने अन्न का सेवन नहीं किया है, जिससे उनकी सेहत कमजोर होती जा रही है। केंद्र सरकार को किसानों की एमएसपी गारंटी कानून सहित अन्य मांगों को जल्द पूरा करना चाहिए क्योंकि एक वर्ष से किसान बॉर्डरों पर मोर्चा लगाए बैठे।