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'पैदल यात्रा से भी क्यों डर रही सरकार?', खनौरी बॉर्डर पर सड़क किनारे धरने पर बैठे किसान; 29 अगस्त तक का राशन साथ

Published: Sun, 16 Aug 2026 07:45 PM (IST)Updated: Sun, 16 Aug 2026 08:14 PM (IST)

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के किसान भारत-अमेरिका ट्रेड डील व अन्य मुद्दों पर दिल्ली कूच के लिए खनौरी बॉर्डर पहुंचे, पर हरियाणा प्रशासन ने उन्हें रोक दिया।

खनौरी बॉर्डर पर सड़क किनारे धरने पर बैठे किसान। फोटो जागरण

खनौरी बॉर्डर पर सड़क किनारे धरने पर बैठे किसान। फोटो जागरण

HighLights

  1. किसान भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे थे।

  2. हरियाणा प्रशासन ने खनौरी बॉर्डर पर किसानों को रोका, धरने पर बैठे।

  3. किसानों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से बैठक का प्रस्ताव ठुकराया।

जागरण संवाददाता, संगरूर। भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध सहित अन्य किसानी मुद्दों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेतृत्व में 51 किसानों द्वारा पैदल दिल्ली कूच करने का एक बार फिर प्रयास किया गया, लेकिन हरियाणा प्रशासन द्वारा खनौरी बार्डर सील किए जाने के कारण शाम तक भी किसान बॉर्डर पार नहीं कर पाए।

हरियाणा प्रशासन ने कंक्रीट के बेरिकेड लगाने के साथ ही बड़े-बड़े पत्थर, लोहे के बैरिकेट वैल्डिंग करके रास्ते को पुरी तरह से बंद कर दिया है। एसकेएम (गैर राजनीतिक) के प्रमुख नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में खनौरी के गुरुद्वारा साहिब से जत्था बार्डर की तरफ रवाना हुआ, लेकिन बार्डर से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। जिसके बाद किसान वहीं मेन रोड पर बैठ गए। हरियाणा प्रशासन ने किसानों को आगे न बढ़ने की हिदायत दी, जिस पर किसानों ने पैदल आगे जाने की अनुमति की मांग की।

देर शाम तक बातचीत का दौर जारी

किसान नेता काका सिंह कोटड़ा, बलदेव सिंह सिरसा सहित पांच किसान नेताओं को हरियाणा प्रशासन बातचीत के लिए खेत में से आगे लेकर गई। किसानों का तर्क है कि वह पैदल शांतिमय तरीके से आगे जाना चाहते हैं, लेकिन हरियाणा प्रशासन इस पर सहमति देर शाम तक बातचीत का दौर जारी रहा।

जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि किसान आंदोलन दौरान शुभकरण सिंह की मौत वाले स्थान की मिट्टी लेकर दिल्ली जाना चाहते हैं। यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगी।

इसका उद्देश्य किसानों से जुड़े मुद्दों के साथ अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील के विरोध की आवाज केंद्र सरकार तक पहुंचाना है। यात्रा में किसान पैदल चलेंगे, जबकि उसके साथ कुछ किसान रहेंगे, जो उसका सामान उठाएंगे। रास्ते में जगह-जगह पड़ाव होंगे और जत्था चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा।

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ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ दिल्ली कूच 

29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंत्र पर पहुंचना है और वहां किसान पंचायत आयोजित की जाएगी। इसके बाद सरकार को किसानों की मांगों से संबंधित मांग पत्र सौंपा जाएगा। डल्लेवाल ने कहा कि पिछले आंदोलन दौरान जब किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ दिल्ली जाने की कोशिश कर रहे थे, तब सरकार ने कहा था कि किसान पैदल चले जाएं व उन्हें गाड़ियां उपलब्ध करवा दी जाएंगी।

यह भी पढ़ें- डल्लेवाल के नेतृत्व में किसानों का दिल्ली कूच, खनौरी बॉर्डर पर रोका गया जत्था; हरियाणा प्रशासन से बातचीत जारी

अब किसान पैदल यात्रा कर रहे हैं, लेकिन सरकार अभी भी रुकावट बन रही है। जत्थे में सीमित संख्या में किसान शामिल हैं। किसान लगातार सरकार का रवैया देख रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जत्था शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाएगा, इसलिए सरकार तनावपूर्ण माहौल न बनाएं। हरियाणा प्रशासन द्वारा खनौरी का दाता सिंह वाला बार्डर पर भारी सुरक्षा व्यवस्था कर रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ब्लाक स्तर तक के किसान नेताओं के घरों पर छापेमारी की गई है।

कई किसान साथियों को उनके घरों में ही नजरबंद किए जाने का भी दावा किया गया है। इस तरह की कार्रवाई से किसानों के आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सभी साथियों को रिहा करने की मांग की।

हरियाणा के मुख्यमंत्री से बैठक ठुकराई

हरियाणा प्रशासन से बैठक करके लौटे किसान नेताओं की जगजीत सिंह डल्लेवाल व अन्य कार्यकर्ताओं से खनौरी बार्डर पर बैठक हुई। बैठक संबंधी जानकारी देते डल्लेवाल ने कहा कि हरियाणा प्रशासन से तीन दौर की बैठक हुई। प्रशासन ने जत्थे में सदस्यों की गिनती कम करने को कहा, जिस पर किसान नेताओं ने 51 से कम करके 41 सदस्य करने की सहमति दी।

हरियाणा में हिरासत में लिये किसानों को रिहा कर दिया गया है। हरियाणा प्रशासन ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से बैठक तय करवाने का भरोसा दिलाया, लेकिन किसान नेताओं ने बैठक का आफर ठुकरा दिया। डल्लेवाल ने स्पष्ट किया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री से बैठक से उनकी समस्याओं का हल नहीं होगा।

उन्होंने भारत-अमेरिका डील से संबंधित किसी सक्षम प्रतिनिधि, केंद्रीय खेतीबाड़ी मंत्री से बैठक का समय तय करवाने की मांग की। साथ ही एलान किया कि यह जत्था फिलहाल यहीं मेन रोड पर सड़क किनारे धरने पर डटा रहेगा। 29 अगस्त तक का राशन, कपड़े व जरूरत ही अन्य सामग्री उनके पास मौजूद है।