यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पीएम स्वनिधि योजना स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनाने की कहानी, कोटा की सपना बनीं मिसाल
पीएम स्वनिधि योजना ने सफलतापूर्वक पांच साल पूरे कर लिए हैं जिससे लाखों स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनने का मौका मिला है। कोटा की सपना प्रजापति ने इस ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, जयपुर। पीएम स्वनिधि योजना ने रविवार को अपने सफल संचालन के पांच वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस योजना ने देश में लाखों स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। खासतौर पर महिलाओं को इससे स्वरोजगार की राह मिली। कोटा की सपना प्रजापति की कहानी इसका एक सशक्त उदाहरण है।
उन्होंने योजना के तहत स्वीकृत ऋण से महामारी कोविड-19 के दौरान मास्क बनाने की एक छोटी इकाई शुरू की, जो आज सफल व्यवसाय का रूप धारण कर चुकी है। उनके गांव की कई महिलाओं को भी इससे रोजगार मिला है। एक्स हैंडल मोदी स्टोरी ने सपना की कहानी साझा की है, जिसमें उनका वीडियो भी शामिल है। इसमें वह योजना के तहत वित्तीय सहायता के बारे में बता रही हैं कि कैसे इसने लाखों छोटे व्यवसायियों को बर्बाद होने से बचाया।
16 लाख का मिला ऑर्डर
सपना ने बताया कि उन्होंने हमेशा व्यवसाय का सपना देखा था, लेकिन महामारी ने उनकी योजनाओं को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने योजना के तहत ऋण लेकर सिलाई मशीन खरीदी और पीएम के वोकल फॉर लोकल से प्रेरित होकर मास्क के नमूने बनाए, जिन्हें स्वीकृति मिली। उन्हें पीपीई किट और अस्पताल की बेडशीट बनाने के लिए 16 लाख का आर्डर मिला। सपना ने प्रधानमंत्री के साथ उस बातचीत को भी याद किया है, जिसमें उनके प्रोत्साहन भरे शब्दों ने उन्हें समाज के प्रति योगदान के लिए प्रेरित किया।
बता दें कि योजना एक जून 2020 को शुरू की गई थी। इसके तहत स्ट्रीट वेंडर्स को बिना गारंटी 50,000 रुपये तक ऋण प्रदान किया जाता है।
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