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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Rajasthan Politics: राजस्थान में कांग्रेस विधायक की शिकायत पर मंत्री से मांगा जवाब

    By Jagran NewsEdited By: Sachin Kumar Mishra
    Updated: Tue, 18 Oct 2022 06:08 PM (IST)

    Rajasthan Politics गहलोत सरकार में मंत्री बोर्ड व निगमों के अध्यक्ष और सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक आपस में एक-दूसरे के खिलाफ लामबंदी मे जुटे हैं। मंत ...और पढ़ें

    कांग्रेस विधायक की शिकायत पर राजस्थान विधानसभा ने मंत्री से मांगा जवाब। फाइल फोटो
    कांग्रेस विधायक की शिकायत पर राजस्थान विधानसभा ने मंत्री से मांगा जवाब। फाइल फोटो

    जयपुर, जागरण संवाददाता। Rajasthan Politics: राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में मंत्री, बोर्ड व निगमों के अध्यक्ष और सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक आपस में एक-दूसरे के खिलाफ लामबंदी मे जुटे हैं। मंत्री, अध्यक्ष और विधायक एक-दूसरे पर किसी न किसी बहाने निशाना साधने का कोई मौका नहीं चुकते हैं। अब देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह अवाना ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को पत्र लिखकर सार्वजनिक निर्माण मंत्री भजनलाल जाटव की शिकायत की है।

    अवाना ने कहा, जाटव ने विधानसभा में गलत जवाब दिया 

    अवाना ने कहा कि जाटव ने पिछले दिनों विधानसभा में उनके सवाल का गलत जवाब दिया था। कांग्रेस के विधायक और अध्यक्ष की हैसियत से राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त अवाना की शिकायत के बाद विधानसभा सचिवालय ने जाटव को नोटिस देकर सात दिन में जवाब मांगा है। अवाना ने नदबई से हलैना और नदबई से नगर सहित अन्य सड़कों को लेकर सदन में 23 सितंबर, 2022 को विधानसभा में तारांकित सवाल पूछा था। सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि यह सड़क क्षतिग्रस्त और नान पेचेबल थी, इसलिए ठेकेदार से इसकी मरम्मत कराई गई थी।

    अवाना ने कहा, सड़कों की नहीं हुई थी मरम्मत

    वहीं, अवाना का कहना है कि सड़कों की मरम्मत नहीं हुई थी, मंत्री ने गलत जवाब दिया है। अवाना का कहना है कि 23 दिसंबर, 2021 को इन सड़कों की कोर कटिंग मुख्य अभियंता (क्वालिटी कंट्रोल) मुकेशचंद भाटी के निर्देशन में करवाई गई थी। उसके बाद नहीं हुई है। उल्‍लेखनीय है क‍ि अवाना बसपा के टिकट पर चुनाव जीते। उसके बाद पांच अन्‍य विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। बसपा के सभी छ‍ह विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर संपूर्ण विधायक दल का विलय बताया गया था। अब इस मामले पर प्रदेश में सियासत गरमा सकती है। प्रदेश में इससे पहले भी कई बार गहलोत सरकार के मंत्री एक-दूसरे पर हमलावर हो चुके हैं। एक-दूसरे पर जमकर निशाना भी साध चुके हैं।

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