यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Rajasthan News: भाजपा करेगी कांग्रेस के कार्यकाल में बने नए जिलों की समीक्षा, राजस्थान सरकार ने कैबिनेट उप-समिति का किया गठन
राजस्थान में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बने सभी जिलों के निरक्षण के लिए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा गठित उप-समिति में पांच सदस्य हैं- उपमुख् ...और पढ़ें

एएनआई, जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार ने बुधवार को अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बने 17 जिलों और तीन नए संभागों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए एक कैबिनेट उप-समिति का गठन किया है।
राज्य सरकार के राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग द्वारा बुधवार देर रात यह आदेश जारी किया गया। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा गठित उप-समिति में पांच सदस्य हैं- उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा, मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर, कन्हैयालाल मीना, सुरेश रावत और हेमंत मीना इसमें शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा पांच सदस्यीय उपसमिति के संयोजक हैं।
राज्य में जिलों की संख्या बढ़कर हुई 53
इससे पहले अगस्त 2023 में तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान कैबिनेट ने राज्य में 19 नए जिले और तीन नए संभाग बनाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके अलावा, अक्टूबर में कांग्रेस सरकार ने राज्य में तीन नए जिलों के गठन की घोषणा की थी। जिसेमें यानी मालपुरा, सुजानगढ़ और कुचामन सिटी का गठन शामिल था। इन जिलों के गठन के बाद राज्य में जिलों की संख्या बढ़कर 53 हो गई।
अशोक गहलोत ने नए जिलों को लेकर की थी घोषणा
पूर्व सीएम गहलोत ने तब कहा था कि यह निर्णय "एक उच्च स्तरीय पैनल के अनुरूप" लिया गया था। गहलोत ने हिंदी में एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, "जनता की मांग और एक उच्च स्तरीय समिति की सिफारिश के अनुसार, राजस्थान में तीन नए जिले बनाए जाएंगे- मालपुरा, सुजानगढ़ और कुचामन सिटी। अब राजस्थान में 53 जिले होंगे।"
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राजस्थान में दिसंबर 2023 में बनी भाजपा की सरकार
गहलोत सरकार ने यह भी कहा था कि राजस्थान सरकार भविष्य में भी "पैनल की सिफारिश के अनुसार" परिसीमन के मुद्दों को सुलझाती रहेगी। दिसंबर 2023 में विधानसभा चुनाव जीतकर भाजपा राजस्थान की सत्ता में आई, जिसके बाद भजन लाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाकर सरकार बनाई गई। राजस्थान विधानसभा की 199 सीटों में से भाजपा ने 115 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 69 सीटें मिलीं।