राजस्थान: दुष्कर्म पीड़ित बहनों को नहीं मिला इंसाफ, बड़ी के बाद छोटी ने भी की आत्महत्या
राजस्थान के जोधपुर में दो सगी बहनों के साथ चार साल तक सामूहिक दुष्कर्म हुआ। न्याय न मिलने पर बड़ी बहन ने आत्महत्या कर ली, जिसके बाद छोटी बहन ने भी पुल ...और पढ़ें

दुष्कर्म पीड़ित बहनों को नहीं मिला इंसाफ।
HighLights
दो बहनों से चार साल तक सामूहिक दुष्कर्म हुआ।
न्याय न मिलने पर दोनों बहनों ने आत्महत्या की।
पुलिस निष्क्रियता के बाद चौकी प्रभारी लाइन हाजिर।
जागरण संवाददाता, जोधपुर। राजस्थान में दो सगी बहनों के साथ हैवानियत का दहला देने वाला मामला सामने आया है। चार वर्षों तक सामूहिक दुष्कर्म के कारण बड़ी बहन ने आत्महत्या कर ली तो आरोपित छोटी बहन को शिकार बनाने लगे। शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
न्याय नहीं मिलने से निराश युवती ने पानी की टंकी पर चढ़कर जहरीला पदार्थ खा लिया। उसने चीख-चीख कर समाज को अपने साथ हुई दरिंदगी की कहानी बताई और जान दे दी।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया तो पुलिस ने दो आरोपितों को हिरासत में ले लिया है। संबंधित चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। खेती-बाड़ी करने वाले सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाली दोनों बहनें शादीशुदा थीं और ससुराल में रहती थीं। घटना ससुराल में घटित हुई है। दोनों की दो-दो संताने हैं। मायका नागौर जिले में है।
जोधपुर के खेड़ापा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित परिवार का आरोप है कि बड़ी बहन को ई-मित्र संचालक महिपाल ने प्रेमजाल में फंसाया और उसके आपत्तिजनक वीडियो बना लिए। इसके बाद महिपाल सहित सात आरोपित करीब चार वर्षों तक वीडियो बहुप्रसारित करने की धमकी देकर उससे दुष्कर्म करते रहे।
बड़ी बहन ने 20 मार्च को आत्महत्या कर ली
परेशान होकर बड़ी बहन ने गत 20 मार्च को आत्महत्या कर ली। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपितों का दुस्साहस बढ़ गया और वे छोटी बहन को भी वीडियो बहुप्रसारित करने की धमकी देकर होटल और खेतों में ले जाकर दुष्कर्म करते रहे। युवती ने 11 अप्रैल को थाने में आठ नामजद आरोपितों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और धमकी देने का मामला दर्ज कराया था।
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पुलिस पर कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप
स्वजन का आरोप है कि युवती ने पुलिस को लिखित रूप से जानकारी दी थी कि न्याय नहीं मिलने से आत्महत्या जैसा कदम उठा सकती है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 15 मई को युवती ने गांव की पानी की टंकी पर चढ़कर जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना से लोगों में आक्रोश फैल गया।
मारवाड़ राजपूत समाज के अध्यक्ष हनुमान सिंह खांगटा ने पुलिस पर आरोपितों को बचाने का आरोप लगाया है।जोधपुर ग्रामीण की एसपी पीडी नित्या ने बताया कि बड़ी बहन की मौत के मामले में पहले शिकायत दर्ज की गई थी, जबकि 11 अप्रैल को पीड़िता की शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया।
चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर
पुलिस ने दो आरोपितों को हिरासत में ले लिया है और सात अन्य से पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की नए सिरे से जांच के तहत अब परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं मामले की निगरानी कर रही हैं। संबंधित चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है और उच्च अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।