750 बीघा जमीन और बैंक में जमा करोड़ों रुपये के लिए मर्डर... देवानंद महाराज हत्याकांड की वकील ने रची साजिश
कोटा के चंदसेल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है, जिसमें मठ की 750 बीघा जमीन और करोड़ों रुपये का विवाद मुख्य कारण था। ...और पढ़ें

महंत देवानंद महाराज की हत्या का राज खुला। (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, जयपुर। कोटा के चंदसेल मठ के महंत देवांनद महाराज की बीते 5 जून को हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने अब सुलझा ली है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
महंत की हत्या मठ के ट्रस्ट विवाद, 750 बीघा जमीन और बैंक में जमा करोड़ों रुपये के लिए की गई थी। इस हत्या का मास्टरमाइंड वकील निकला है। कोटा शहर एसपी तेजस्विनी गौतम ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि पुलिस ने आरोपी संतोष राय और पुष्पेंद्र को गिरफ्तार किया है। जबकि वारदात में शामिल मुख्य शूटर आदित्य वर्मा समेत अन्य आरोपियों की तलाश तेजी से की जा रही है।
पहले संत नंदन वन पर था हत्या का शक
एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि शुरुआत में पुलिस और महंत के परिजनों को हत्या का शक संत नंदन वन पर था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी तो वह निर्दोष पाए गए और पुलिस के मददगार साबित हुए। उनसे मिली कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस एडवोकेट संतोष राय तक पहुंची।
मठ की अकूत संपत्ति पर थी संतोष राय की नजर
उन्होंने आगे बताया कि संतोष राय खुद को कथित रूप से मठ के ट्रस्ट का अध्यक्ष होने का दावा करता था और इसको लेकर उसने देवस्थान में एक अर्जी भी लगाई हुई थी। संदेह होने पर जब पुलिस ने संतोष राय पर निगरानी और पूछताछ करनी शुरू की तो हकीकत सामने आई।
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पुलिस जांच में क्या सामने आया?
जांच में पता चला कि संतोष राय की नजर मठ की अकूत संपत्ति पर थी। वह मठ की 750 बीघा जमीन और बैंक में जमा 4 करोड़ रुपये हथियाना चाहता था। पुलिस के मुताबिक, उसके रास्ते में रोड़ा बन रहे महंत देवांनंद महाराज को हटाने के लिए उसने आदित्य वर्मा नाम के शूटर को एक लाख रुपये की सुपारी दी थी।
आदित्य वर्मा ने तीन लोगों के साथ मिलकर की हत्या
इसके बाद 5 जून को आदित्य वर्मा अपने तीन साथियों के साथ मठ में घुसा और महंत की चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। आदित्य की पत्नी ने सबूतों को मिटाने में मदद की। फिलहाल पुलिस आदित्य की तलाश कर रही है।