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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Kota News: 'आधे दिन पढ़ाई, आधे दिन मस्ती' कोटा में आत्महत्या के मामलों पर रोक के लिए निकाला जबरदस्त तोड़

    By Jagran NewsEdited By: Prince Sharma
    Updated: Tue, 29 Aug 2023 07:00 AM (IST)

    Kota Latest News कोटा में बढ़ते आत्महत्या के मामलों को मद्देनजर रखते हुए सोमवार को आयोजित हुई एक बैठक में एक अहम फैसला लिया गया। फैसले में हफ्ते में ए ...और पढ़ें

    Kota News: 'आधे दिन पढ़ाई, आधे दिन मस्ती' कोटा में आत्महत्या के मामलों पर रोक के लिए निकाला तोड़
    Kota News: 'आधे दिन पढ़ाई, आधे दिन मस्ती' कोटा में आत्महत्या के मामलों पर रोक के लिए निकाला तोड़

    कोटा, एजेंसी। कोटा में बढ़ते आत्महत्या के मामलों को मद्देनजर रखते हुए सोमवार को आयोजित हुई एक बैठक में एक अहम फैसला लिया गया।

    फैसले में हफ्ते में एक दिन 'आधे दिन की पढ़ाई, आधे दिन की मस्ती', मुद्दे पर चर्चा हुई। इस निर्णय में आत्महत्या की प्रवृत्ति वाले छात्रों की पहचान करना और मनोवैज्ञानिक परामर्श देना शामिल है।

    इस बाबत अधिकारियों ने कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रमुख सचिव (उच्च और तकनीकी शिक्षा) भवानी सिंह देथा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कोचिंग संस्थानों और हॉस्टल एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

    2 सितंबर को होगा कोटा का दौरा

    शिक्षा सचिव भवानी देथा इस मुद्दे पर विचार करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर गठित समिति के अध्यक्ष भी हैं। समिति स्थिति का जायजा लेने के लिए 2 सितंबर को कोटा का दौरा करेगी।

    बैठक में लिए गए अन्य निर्णयों में छात्रों पर पाठ्यक्रमों का बोझ कम करने के प्रयास में कोचिंग संस्थानों को विषय विशेषज्ञों की एक समिति बनाने के लिए कहा गया है।

    अधिकारियों ने कहा कि बैठक में निर्णय लिया गया कि कोचिंग संस्थान प्रत्येक बुधवार को 'आधे दिन पढ़ाई, आधे दिन मौज-मस्ती' करेंगे और अगले दो दिनों तक कोई नियमित परीक्षा नहीं लेंगे।

    कोचिंग छात्रों के लिए प्रतिदिन भरने के लिए एक फॉर्म विकसित किया जाएगा ताकि उनकी मानसिक स्थिति का आकलन किया जा सके।

    खराब प्रदर्शन करने वालों को मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रदान किया जाएगा।

    अधिकारियों ने कहा कि इसके अलावा, नियमित परीक्षणों से अनुपस्थित रहने वालों और खराब प्रदर्शन करने वालों की पहचान की जाएगी और उन्हें मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रदान किया जाएगा।

    यह बैठक रविवार को दो नीट अभ्यर्थियों की आत्महत्या के एक दिन बाद आयोजित की गई थी। बैठक में शामिल होने वाले अन्य अधिकारियों में कोटा कलेक्टर ओपी बुनकर, एसपी शरद चौधरी, अतिरिक्त कलेक्टर (प्रशासन) राजकुमार सिंह और अतिरिक्त एसपी भगवत सिंह हिंगड़ शामिल थे।