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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Mohini Ekadashi 2024: मोहिनी एकादशी पर क्या करें और क्या न करें? यहां जानें

    Updated: Sun, 19 May 2024 09:54 AM (IST)

    सनातन धर्म में सभी तिथियों में से एकादशी तिथि को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। हर महीने में दो एकादशी होती है। ...और पढ़ें

    Mohini Ekadashi 2024: मोहिनी एकादशी पर क्या करें और क्या न करें? यहां जानें
    Mohini Ekadashi 2024: मोहिनी एकादशी पर क्या करें और क्या न करें? यहां जानें

    HighLights

    1. सनातन धर्म में एकादशी व्रत का बेहद धार्मिक महत्व है।
    2. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।
    3. एकादशी व्रत में कुछ कार्यों को करने की मनाही है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Mohini Ekadashi 2024 Vrat Niyam: सनातन धर्म में एकादशी व्रत को अधिक महत्वपूर्ण माना गया है। एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। साथ ही जीवन में सुख-शांति के लिए व्रत भी किया जाता है। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह एकादशी व्रत आज यानी 19 मई (Mohini Ekadashi 2024 Date) को है। इस दिन कुछ कार्यों को करने की मनाही है। धार्मिक मान्यता है कि वर्जित कार्यों को करने से भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं और जातक को जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आइए जानते है मोहिनी एकादशी पर क्या करें और क्या न करें?

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    मोहिनी एकादशी पर क्या करें?

    • सुबह स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए।
    • पूजा के दौरान एकादशी व्रत का संकल्प लेना चाहिए।
    • पीले वस्त्र धारण करने चाहिए। क्योंकि प्रभु को पीला रंग प्रिय है।
    • श्रद्धा अनुसार गरीबों को धन, आनाज और वस्त्र का दान करना चाहिए।
    • भोग में तुलसी के पत्ते को जरूर शामिल करना चाहिए। लेकिन एकादशी पर तुलसी के पत्ते को तोड़ने की मनाही है। इसलिए एकादशी से पहले ही तुलसी के पत्ते को तोड़ लें।

    मोहिनी एकादशी पर क्या न करें?

    • एकादशी के दिन तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। चावल भी नहीं खाने चाहिए।
    • इसके अलावा काले वस्त्र भी धारण नहीं करने चाहिए।
    • महिला और बड़े बुजुर्गों का अपमान नहीं करना चाहिए।
    • मन में किसी के प्रति बुरा नहीं सोचना चाहिए।
    • भूलकर भी तुलसी के पत्ते को नहीं तोडना चाहिए।

    मोहिनी एकादशी शुभ मुहूर्त (Mohini Ekadashi Shubh Muhurat)

    वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 18 मई को सुबह 09 बजकर 52 मिनट पर शुरू हो गई है। वहीं, यह तिथि 19 मई को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, मोहिनी एकादशी का व्रत 19 मई, रविवार के दिन किया जाएगा।

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