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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Mokshada Ekadashi 2024: मोक्षदा एकादशी पर इस विधि से करें भगवान विष्णु की पूजा, चमक जाएगी आपकी फूटी किस्मत

    Updated: Mon, 02 Dec 2024 12:23 PM (IST)

    एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष में मोक्षदा एकादशी (Mokshada Ekadashi 2024) मनाई जाती है। अगर आप भी सभी पापों से ...और पढ़ें

    Lord Vishnu: कैसे करें भगवान विष्णु की पूजा
    Lord Vishnu: कैसे करें भगवान विष्णु की पूजा

    HighLights

    1. एकादशी तिथि विष्णु जी समर्पित है।
    2. इस दिन व्रत करने का विधान है।
    3. व्रत करने से सभी पाप खत्म होते हैं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन शास्त्रों में सभी तिथि का अधिक महत्व है। इसी प्रकार से एकादशी तिथि को शुभ माना जाता है। मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। पंचांग के अनुसार, इस बार मोक्षदा एकादशी व्रत 11 दिसंबर (Mokshada Ekadashi 2024 Date) किया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि मोक्षदा एकादशी के दिन भगवन विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से जातक को सभी सुखों की प्राप्ति होती और संकट से छुटकारा मिलता है।

    मोक्षदा एकादशी 2024 डेट और शुभ मुहूर्त (Mokshada Ekadashi 2024 Date and Shubh Muhurat)

    पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी तिथि 11 दिसंबर को देर रात 03 बजकर 42 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 12 दिसंबर को देर रात्रि 01 बजकर 09 मिनट पर होगा। ऐसे में इस बार मोक्षदा एकादशी (Kab Hai Mokshada Ekadashi 2024) 11 दिसंबर को मनाई जाएगी।

    यह भी पढ़ें: Mokshada Ekadashi 2024: गीता जयंती के दिन क्यों मनाई जाती है मोक्षदा एकादशी? क्या है इसकी वजह

    मोक्षदा एकादशी 2024 व्रत का पारण समय (Mokshada Ekadashi 2024 Vrat Paran Time)

    व्रत का पारण करने का समय 12 दिसंबर को सुबह 07 बजकर 05 मिनट से लेकर 09 बजकर 09 मिनट तक है। व्रत का पारण करने के बाद अन्न और धन का दान जरुर करना चाहिए।

    मोक्षदा एकादशी पूजा सामग्री लिस्ट (Mokshada Ekadashi Puja Samagri List)

    • कुमकुम

    • पीला कपड़ा
    • फूल
    • अक्षत
    • दीपक
    • फल
    • आम के पत्ते
    • पंचमेवा
    • मिठाई
    • चौकी
    • धूप
    • भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की प्रतिमा

    मोक्षदा एकादशी पूजा विधि (Mokshada Ekadashi Puja Vidhi)

    • सुबह स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
    • इस दिन पीले वस्त्र धारण करें, क्योंकि विष्णु जी को पीला रंग प्रिय है।
    • चौकी पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी प्रतिमा स्थापित करें।
    • फूलमाला अर्पित करें और मां लक्ष्मी को सोलह श्रृंगार की चीजें अर्पित करें।
    • दीपक जलाकर आरती करें और मंत्रो का जप करें।
    • फल, सूखे मेवे, पंजीरी-पंचामृत का भोग लगाएं।
    • जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें।

    धन-समृद्धि मंत्र

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    ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।

    ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।

    विष्णु गायत्री मंत्र

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    तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥

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    दन्ता भये चक्र दरो दधानं,

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    लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे।।

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    अस्वीकरण: ईस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।