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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Yogini Ekadashi 2024 Date: जुलाई महीने में कब मनाई जाएगी योगिनी एकादशी? नोट करें शुभ मुहूर्त एवं योग

    By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Wed, 12 Jun 2024 02:11 PM (IST)

    धार्मिक मत है कि योगिनी एकादशी व्रत करने से व्रती को भगवान विष्णु की कृपा से सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही यश कीर्ति सुख और समृद्धि ...और पढ़ें

    Yogini Ekadashi Date: जुलाई महीने में कब मनाई जाएगी योगिनी एकादशी?
    Yogini Ekadashi Date: जुलाई महीने में कब मनाई जाएगी योगिनी एकादशी?

    HighLights

    1. यह पर्व हर वर्ष आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है।
    2. इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा-उपासना की जाती है।
    3. भगवान विष्णु की पूजा करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Yogini Ekadashi 2024: हर वर्ष आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन योगिनी एकादशी मनाई जाती है। इस दिन लक्ष्मी नारायण जी की पूजा की जाती है। साथ ही एकादशी का व्रत रखा जाता है। धार्मिक मत है कि योगिनी एकादशी के दिन व्रत रख भगवान विष्णु की पूजा करने से साधक को हजारों ब्राह्मणों को भोजन कराने के समतुल्य पुण्य प्राप्त होता है। साथ ही साधक पर भगवान विष्णु की कृपा बरसती है। उनकी कृपा से साधक के सभी बिगड़े काम बन जाते हैं। इसके अलावा, घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली का आगमन होता है। इसके लिए वैष्णव समाज के लोग श्रद्धा भाव से एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। आइए, योगिनी एकादशी के बारे में सबकुछ जानते हैं-

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    शुभ मुहूर्त

    ज्योतिषियों की मानें तो आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 01 जुलाई को प्रातः काल 10 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन यानी 02 जुलाई को सुबह 08 बजकर 42 मिनट पर समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि मान है। इस प्रकार 02 जुलाई को योगिनी एकादशी मनाई जाएगी। वैष्णव समाज के लोग भी 02 जुलाई को योगिनी एकादशी मनाएंगे। इस दिन दुर्लभ धृति योग का निर्माण हो रहा है। शिव योग पूर्ण रात्रि तक है।

    पारण समय

    साधक 03 जुलाई को सुबह 05 बजकर 28 मिनट से लेकर सुबह 07 बजकर 10 मिनट के मध्य पारण कर सकते हैं। साधक 03 जुलाई को स्नान-ध्यान के बाद पारण कर सकते हैं। पारण करने से पहले अन्न का दान अवश्य करें।

    योग

    योगिनी एकादशी तिथि पर त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। त्रिपुष्कर योग का निर्माण सुबह 08 बजकर 42 मिनट से हो रहा है। वहीं, इस योग का समापन 03 जुलाई को सुबह 04 बजकर 40 मिनट पर हो रहा है। जबकि, सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण सुबह 05 बजकर 27 मिनट से हो रहा है। इस योग का समापन 03 जुलाई को सुबह 04 बजकर 40 मिनट पर होगा।

    खबरें और भी

    पंचांग

    सूर्योदय - सुबह 05 बजकर 27 मिनट पर

    सूर्यास्त - शाम 07 बजकर 23 मिनट पर

    चन्द्रोदय- देर रात 02 बजकर 38 मिनट पर

    चंद्रास्त- शाम 04 बजकर 46 मिनट पर

    ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 07 मिनट से 04 बजकर 47 मिनट तक

    विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 44 मिनट से 03 बजकर 40 मिनट तक

    गोधूलि मुहूर्त - शाम 07 बजकर 22 मिनट से 07 बजकर 42 मिनट तक

    निशिता मुहूर्त - रात्रि 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।