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    Shani Gochar: शनि गोचर से 3 राशियों की बदलेगी तकदीर, आर्थिक तंगी से मिलेगी मुक्ति

    Updated: Tue, 19 Aug 2025 05:00 PM (IST)

    ज्योतिषियों की मानें तो हनुमान जी की पूजा करने से शनिदेव की कृपा साधक पर बरसती है। वहीं शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति मिलती है। शनिदेव को प्रसन ...और पढ़ें

    Shani Gochar 2027: शनिदेव को कैसे प्रसन्न करें?
    Shani Gochar 2027: शनिदेव को कैसे प्रसन्न करें?

    HighLights

    1. कर्मफल दाता शनिदेव कुंभ राशि के स्वामी हैं।
    2. मकर राशि पर मंगल देव की कृपा बरसती है।
    3. हनुमान जी की पूजा करने से दुखों का अंत होता है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन शास्त्र में शनिदेव को कर्मफल दाता कहा गया है। शनिदेव व्यक्ति को कर्मों के अनुसार फल देते हैं। अच्छे कर्म करने वालों पर शनिदेव को शुभ फल देते हैं। वहीं, बुरे कर्म करने वालों को शनिदेव की कुदृष्टि से गुजरना पड़ता है। देवों के देव महादेव की पूजा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। शिव भक्तों पर शनिदेव की विशेष कृपा बरसती है।

    ज्योतिषियों की मानें तो वर्तमान समय में न्याय के देवता शनिदेव मीन राशि में विराजमान हैं। इस राशि में शनिदेव ढ़ाई साल तक रहेंगे। इसके बाद राशि परिवर्तन करेंगे। शनिदेव के राशि परिवर्तन से कई राशि के जातकों को लाभ मिलेगा। वहीं, कई राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू होगी। आइए, इसके बारे में सबकुछ जानते हैं-  

    शनि गोचर 2027

    न्याय के देवता शनिदेव 03 जून, 2027 को सुबह 06 बजकर 23 मिनट पर मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। इस राशि में 19 अक्टूबर, 2027 तक रहेंगे। इसके अगले दिन शनिदेव वक्री चाल चलकर पुनः मीन राशि में गोचर करेंगे।  

    साढ़ेसाती

    शनिदेव के राशि परिवर्तन से कुंभ राशि के जातकों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी। वहीं, मीन राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण शुरू होगा। जबकि, मेष राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण चालू होगा। इसके अलावा, वृषभ राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा। शनि की साढ़ेसाती के दौरान जातक को जीवन में कर्मों के अनुसार फल मिलता है। बुरे कर्म करने वाले जातकों को जीवन में नाना प्रकार की परेशानियों से गुजरना पड़ता है। 

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    शनि की ढैय्या

    शनिदेव के मेष राशि में गोचर करने से सिंह और धनु राशि के जातकों को शनि की ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी। वहीं, कन्या और मकर राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या शुरू होगी। शनि की ढैय्या की ढ़ाई साल तक चलती है। देवों के देव महादेव की पूजा करने से न्याय के देवता शनिदेव प्रसन्न होते हैं। 

     

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।