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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Amarnath Pigeon Mystery: अमरनाथ गुफा में क्यों अमर हुआ कबूतर का जोड़ा? जानें इसकी प्रमुख वजह

    Updated: Sat, 25 Jan 2025 12:54 PM (IST)

    धार्मिक मान्यता के अनुसार अमरनाथ गुफा में देवों के देव महादेव वास करते हैं। यह धाम में हिमालय की पहाड़ियों में स्थित है। हर साल अधिक संख्या में श्रद्ध ...और पढ़ें

    महादेव ने मां पार्वती को सुनाई थी अमृतज्ञान की कथा
    महादेव ने मां पार्वती को सुनाई थी अमृतज्ञान की कथा

    HighLights

    1. अमरनाथ धाम एक धार्मिक स्थल है।
    2. इस बार 25 जून से अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है।
    3. मान्यता है कि अमरनाथ धाम में शिव जी विराजमान हैं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अमरनाथ धाम भगवान शिव को समर्पित है। पहले के समय में अमरनाथ गुफा को अमरेश्वर नाम से जाना था। इस पवित्र स्थल पर बर्फ के शिवलिंग बनने से 'बाबा बर्फानी' भी कहा जाता है। यह धाम 51 शक्तिपीठों में शामिल है। धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति अमरनाथ गुफा (cave mystery) में विराजमान बाबा बर्फानी के दर्शन करता है उसे मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है।

    अमरनाथ गुफा में शिव जी ने मां पार्वती को अमर होने की कथा सुनाई थी। कबूतर (Amarnath pigeons) का एक जोड़ा भी मौजूद है, जिसके श्रद्धालु दर्शन कर अपने आपको भाग्यवान मानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं अमरनाथ गुफा में विराजमान इस कबूतर (divine birds) के जोड़े के रहस्य के बारे में। अगर नहीं पता, तो ऐसे में चलिए इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे इस विषय से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें।

    अमरनाथ गुफा का रहस्य

    पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव ने एक बार मां पार्वती को मोक्ष की प्राप्ति के  लिए रास्ता दिखाया था। ऐसे में शंकर और मां पार्वती के बीच एक बात को लेकर बातचीत हुई।

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    मां पार्वती ने महादेव से मोक्ष का रास्ता जानने के लिए उत्सुकता जाहिर की । ऐसे में महादेव ने उनकी बात को माना और देवी पार्वती को एकांत जगह यानी अमरनाथ गुफा में ले गए, जहां और कोई अमृतज्ञान की कथा न सुन सके। जब शिव जी पार्वती को अमृतज्ञान की कथा सुना रहे थे, तो वहां पर मौजूद कबूतर के जोड़े ने भी अमृतज्ञान की कथा सुनी।

    कथा को सुनने के बाद कबूतर को जोड़ा अमर हो गया और आज के समय में भी में कबूतर को जोड़ा गुफा में मौजूद है, जिसके श्रद्धालु दर्शन का लाभ उठाते हैं। ऐसा माना जाता है कि अमरनाथ गुफा में शिवलिंग के दर्शन करने के बाद कबूतर के जोड़े का दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है।

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    कब से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा? (Amarnath Yatra 2025 Opening Date)

    हर साल अमरनाथ यात्रा की शुरू होती है। इस साल अमरनाथ की शुरुआत 25 जून से होगी और वहीं यात्रा का समापन 09 अगस्त को होगा। हर साल इस यात्रा की शुरुआत के लिए शिव भक्त बेसब्री से इंतजार करते हैं। यात्रा के दौरान बेहद नजारा देखने को मिलता है।  

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।