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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ये है देश का बेहद रहस्यमयी मंदिर, राधा और कृष्ण गांव आकर सुनते हैं ग्रामीणों की परेशानी

    By Kaushik SharmaEdited By: Kaushik Sharma
    Updated: Mon, 19 Feb 2024 06:09 PM (IST)

    छतरपुर जिला मुख्यालय से 17 किलोमीटर दूर स्थित बिहारी जू मंदिर है। बिहारी जू मंदिर (Bihari Ju Mandir) में श्री कृष्ण और राधा रानी की मूर्ति स्थापित है। ...और पढ़ें

    ये है देश का बेहद रहस्यमयी मंदिर, राधा और कृष्ण गांव आकर सुनते हैं ग्रामीणों की परेशानी
    ये है देश का बेहद रहस्यमयी मंदिर, राधा और कृष्ण गांव आकर सुनते हैं ग्रामीणों की परेशानी

    HighLights

    1. देश को साधना और आध्यात्म का केंद्र माना गया है।
    2. बिहारी जू मंदिर में श्री कृष्ण और राधा रानी की मूर्ति स्थापित है।
    3. मंदिर से बाहर निकलकर श्री कृष्ण और राधा रानी लोगों की परेशनी सुनते हैं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Bihari Ju Mandir: देश को साधना और आध्यात्म का केंद्र माना गया है। ऐसे कई मंदिर है, जिनका विशेष महत्व है और देखने में भी बेहद सुंदर है। कई मंदिर देवी-देवता की वजह से पहचाने जाते हैं। इनमें से एक मंदिर है, जो बेहद रहस्यमयी है। छतरपुर जिला मुख्यालय से 17 किलोमीटर दूर स्थित बिहारी जू मंदिर है।

    बिहारी जू मंदिर में श्री कृष्ण और राधा रानी की मूर्ति स्थापित है। मान्यता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी बिहारी जू मंदिर से बाहर निकलकर गांव के लोगों की परेशानियां सुनने के लिए आते हैं। यह सिलसिला कई वर्षों से चला आ रहा है।

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    श्री कृष्ण और राधा रानी को लाया जाता है गांव

    मंदिर के बारे में ऐसा बताया जाता है कि महाराज गंज और श्यामरी पुरवा गांव के लोग वर्ष में एक बार ढोल नगाड़े बजाकर बिहारी जू मंदिर जाते हैं और श्री कृष्ण और राधा रानी को पालकी में विराजमान कर गांव लेकर आते हैं। जिस मार्ग से भगवान की पालकी जाती है, उस रास्ते पर गांव के लोग शंख और ढोल-नगाड़े आदि बजाते हैं।

    श्री कृष्ण और राधा रानी को गांव में एक बड़े चबूतरे पर रख दिया जाता है। इसके बाद भगवान लोगों की परेशानियों को सुनते हैं। सुबह होने पर उन्हें वापस मंदिर में विराजमान कर दिया जाता है।

    वर्षों से चली आ रही है प्रथा

    बताया जाता है कि सैकड़ों साल पहले महाराज गंज और श्यामरी पुरवा गांव के लोग अधिक परेशानी का सामना कर रहे थे। इस दौरान लोगों ने मंदिर के पुजारी के साथ मिलकर फैसला लिया कि क्यों न बिहारी जू मंदिर से श्री कृष्ण और राधा रानी को अपने गांव लाया जाए। भगवान खुद लोगों की परेशानियों को देखेंगे। गांव के लोगों ने ठीक ऐसा ही किया। उसी समय से यह प्रथा चली आ रही है।

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    ऐसे पहुंचे मंदिर

    अगर आप बिहारी जू मंदिर जाना चाहते हैं, तो आप सड़क के मार्ग से जा सकते हैं। इसके अलावा इंदौर एयरपोर्ट और खजुराहों एयरपोर्ट भी है, जिसके द्वारा आप आसानी से मंदिर पहुंच सकते हैं।

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    डिस्क्लेमर- ''इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना में निहित सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्म ग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारी आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना के तहत ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी''।

    Pic Credit-Freepik