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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    इन 6 पावन धामों में आज भी माना जाता है बजरंगबली का वास, दर्शन करने से मिलता है शुभ फल

    Updated: Sat, 12 Apr 2025 01:47 PM (IST)

    चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जन्मोत्सव (Hanuman Janmotsav 2025) का पर्व मनाया जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व है। वहीं दे ...और पढ़ें

    Hanuman Janmotsav 2025: हनुमान जी के पवित्र स्थल
    Hanuman Janmotsav 2025: हनुमान जी के पवित्र स्थल

    HighLights

    1. चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जनोत्सव मनाया जाता है।
    2. हनुमान जी की पूजा करने से जीवन खुशहाल होता है।
    3. आज भी कई जगहों पर बजरंगबली का वास होता है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 12 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव (Hanuman Janmotsav 2025 Date) मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर भक्त हनुमान जी की पूजा-अर्चना करते हैं। साथ ही उनकी कृपा प्राप्ति के लिए व्रत भी करते हैं। इससे शुभ फल की प्राप्ति हो सकती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, हनुमान जी अपने भक्त की हमेशा रक्षा करते हैं। आज भी ऐसे कई दिव्य स्थान देखने को मिलते हैं, जहां हनुमान जी वास माना जाता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कुछ ऐसी पवित्र जगहों के बारे में, जहां बजरंगबली का वास माना जाता है और दर्शन करने से संकट दूर हो सकते हैं।

    हनुमान गढ़ी मंदिर

    अयोध्या में हनुमानगढ़ी मंदिर (Hanuman Garhi Mandir) स्थित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस मंदिर हनुमान जी के दर्शन करने से साधक के सभी दुख और संकट दूर हो सकते हैं। साथ ही प्रभु को लाल चोला चढ़ाने से सभी रोग से छुटकारा मिल सकता है। हनुमानगढ़ी मंदिर को बजरंगबली का माना जाता है। भक्त प्रभु श्रीराम के दर्शन करने से पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करते हैं। ऐसा माना जाता है कि हनुमानगढ़ी से हनुमान जी अयोध्या की रक्षा करते हैं।

    पंचमुखी हनुमान मंदिर

    तमिलनाडु के रामेश्वरम में पंचमुखी हनुमान मंदिर स्थित है। इस मंदिर में हनुमान जी की पंचमुखी अवतार की मूर्ति विराजमान है, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस मंदिर में प्रभु से मांगी गईं सभी प्रार्थना जल्द पूरी हो सकती है। यहां हनुमान जी के दर्शनों के लिए भक्त दूर-दूर से आते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार, हनुमान जी ने पंचमुखी अवतार अहिरावण का वध करने के लिए लिया था।

    (Pic Credit-Freepik)

    हनुमान धारा

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, सोने की लंका में आग लगाने के बाद हनुमान जी पूंछ में लगी आग को बुझाने के लिए उत्तर प्रदेश में चित्रकूट में पहुंचे थे, जिसकी वजह इसे हनुमान धारा कहते हैं। यहां धारा का भव्य नजारा देखने को मिलता है। यह स्थान हनुमान जी की ऊर्जा के साथ जुड़ा हुआ है।

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    मानसरोवर झील

    तिब्बत के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में मानसरोवर झील है। यह कैलाश पर्वत के पास स्थित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, हनुमान जी कैलाश पर्वत की यात्रा के दौरान मानसरोवर झील की भी यात्रा की थी। मानसरोवर झील को हनुमान जी के पवित्र स्थानों में शामिल है।

    गंधमादन पर्वत

    श्रीमद् भागवत पुराण के अनुसार, बजरंगबली गंधमादन पर्वत पर वास माना जाता है। गंधमादन पर्वत कैलाश पर्वत के उत्तर में स्थित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस पर्वत पर महर्षि कश्यप, गंधर्व, किन्नरों, अप्सराओं का वास माना जाता है। इस पर्वत पर मंदिर भी है, जहां हनुमान जी और प्रभु श्री राम की प्रतिमा विराजमान है।

    (Pic Credit-Freepik)

    अंजनाद्रि हिल

    अंजनाद्रि हिल कर्नाटक के हम्पी में है। इस स्थल को बेहद पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस जगह पर मां अंजनी ने हनुमान जी को जन्म दिया था। यहां पर्वत पर एक मंदिर है, जहां संतान की प्राप्ति के लिए कामना की जाती है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।