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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Lairai Temple: गोवा के इस मंदिर में होती है देवी लैराई की पूजा, जानें जत्रा का महत्व

    Updated: Sat, 03 May 2025 02:21 PM (IST)

    देश में ऐसे कई मंदिर हैं जो किसी खास मान्यता या फिर अन्य कारण से प्रसिद्ध हैं। एक ऐसा ही मंदिर गोवा में स्थित है। इस मंदिर को लैराई मंदिर (Lairai Temp ...और पढ़ें

    लैराई मंदिर के धार्मिक उत्सव में शामिल होते हैं अधिक लोग
    लैराई मंदिर के धार्मिक उत्सव में शामिल होते हैं अधिक लोग

    HighLights

    1. लैराई मंदिर गोवा में स्थित है।
    2. इस मंदिर में देवी लैराई की पूजा होती है।
    3. मंदिर में वैशाख में एक उत्सव का आयोजन किया जाता है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। गोवा के लैराई मंदिर (Lairai Devi Temple) में हर साल मई के महीने में जत्रा उत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें अधिक संख्या में भक्त शामिल होते हैं। इस जत्रा उत्सव के कार्यक्रम के दौरान भगदड़ मचने से बड़ा हादसा हो गया है, जिसमें कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है, तो ऐसे में आइए जानते हैं कि जत्रा उत्सव में क्या होता है और लैराई मंदिर से जुड़ी खास बातों के बारे में विस्तार से।  

    लैराई मंदिर में किसकी होती है पूजा?

    गोवा के शिरगाओ गांव में लैराई मंदिर स्थित है। इस मंदिर में लैराई देवी की पूजा-अर्चना होती है। यह मंदिर लोगों के बीच आस्था का केंद्र बना हुआ है। मंदिर में मई में जत्रा उत्सव बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है।  

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    क्या है लैराई उत्सव

    हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर लैराई देवी जत्रा आयोजित की जाती है। इस उत्सव के दौरान लोग नंगे पैर अंगारों पर चलते हैं और देवी लैराई को सम्मान देते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह एक गोवा की आध्यात्मिकता और संस्कृति का हिस्सा है। देवी लैराई को मां पार्वती का रूप माना जाता है। इस उत्सव के समय मंदिर में प्रसाद का वितरण, मंत्रों का जप और ढोल नगाड़े बजाए जाते हैं।

    (Source- Instagram)

    अंगारों पर चलने के लिए लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। सुबह से ही अनुष्ठान कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं। गर्म अंगारों पर चलते समय लोग देवी लैराई के नाम का ध्यान करते हैं। जो लोग इस दौड़ को पूरी कर लेता है। वे लोग फूलों की माला उतारकर वट के पेड़ पर फेंक देते हैं, जिसके बाद घर वापस आते हैं।  

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    क्यों प्रसिद्ध है मंदिर

    उत्सव के मंदिर में बेहद खास रौनक देखने को मिलती है। अंगारों पर चलने की वजह से ही लैराई मंदिर प्रसिद्ध है। यह उत्सव मई के शुरुआती दिनों में आयोजित होता है। इस उत्सव में शामिल होने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। धार्मिक अनुष्ठान भी किए जाते हैं। ऐसा बताया जाता है कि हर साल इस उत्सव में 50,000 से अधिक श्रद्धालु शामिल होते हैं।

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    Source- https://www.goa.gov.in/places/the-lairai-mandir/

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