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    कहां है भूमिपुत्र मंगल देवता का मंदिर? जहां महज 'भात पूजा' से कट जाते हैं सारे दोष

    Updated: Thu, 08 Jan 2026 06:00 PM (IST)

    क्या आपकी कुंडली में मंगल भारी है? जानिए भूमिपुत्र मंगल देव के उस जाग्रत मंदिर के बारे में जहां 'भात पूजा' से सारे दोष कट जाते हैं। साथ ही, जानें उज्ज ...और पढ़ें

    उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर का महत्व (Mangal Dev Mandir Ujjain)

    उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर का महत्व (Mangal Dev Mandir Ujjain)

    HighLights

    1. यह मंदिर पूरे विश्व में मंगल दोष निवारण के लिए सबसे प्रमुख केंद्र है

    2. माना जाता है मंगल देव की उत्पत्ति शिव जी के पसीने की बूंद से हुई थी

    3. अगर आपकी कुंडली में मंगल भारी है तो आपको उपाय करने चाहिए

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में मंगल देव को ऊर्जा, साहस, शक्ति और विवाह का कारक माना जाता है। लेकिन जब कुंडली में मंगल की स्थिति प्रतिकूल होती है, तो इसे 'मंगल दोष' या 'मांगलिक दोष' कहा जाता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को विवाह में देरी, कर्ज, अत्यधिक क्रोध और पारिवारिक कलह जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के निवारण के लिए भारत में कुछ विशेष मंदिर और उपाय बताए गए हैं।

    मंगल देव का जन्मस्थान: मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित मंगलनाथ मंदिर को मंगल देव का जन्मस्थान माना जाता है। शिप्रा नदी के तट पर स्थित यह मंदिर पूरे विश्व में मंगल दोष निवारण के लिए सबसे प्रमुख केंद्र है।

    यहां की पूजा क्यों खास है?

    पुराणों के अनुसार, मंगल देव की उत्पत्ति भगवान शिव के पसीने की बूंद से हुई थी। यहां की जाने वाली 'भात पूजा' (पकाए हुए चावल की पूजा) का विशेष महत्व है। माना जाता है कि चावल की प्रकृति ठंडी होती है, जिससे मंगल देव का उग्र स्वभाव शांत होता है और भक्त को मांगलिक दोष के नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलती है।

    अमलनेर, महाराष्ट्र: एक अत्यंत प्राचीन मंदिर

    महाराष्ट्र के जलगांव जिले में स्थित अमलनेर मंगल देव मंदिर भी भक्तों के लिए विशेष श्रद्धा का केंद्र है। यहां मंगल देव की अत्यंत दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है। मंगलवार के दिन यहां विशेष अभिषेक और शांति पाठ किया जाता है, जिससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

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    मंगल दोष दूर करने के सरल उपाय

    अगर आपकी कुंडली में मंगल भारी है या आप इसके दोष से परेशान हैं, तो इन उपायों को अपना सकते हैं:

    हनुमान जी की शरण: मंगल देव के इष्ट देव भगवान हनुमान हैं। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से मंगल के अशुभ प्रभाव तुरंत कम होने लगते हैं।

    विशेष दान: मंगलवार के दिन लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबे के बर्तन या लाल वस्त्र का दान करना बहुत शुभ माना जाता है।

    Bhaat Puja

    (Image Source: AI-Generated)

    मंत्र जाप: प्रतिदिन "ॐ भौमाय नमः" या "ॐ अंगारकाय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करने से मन शांत रहता है और कर्ज से मुक्ति मिलती है।

    मिट्टी का उपाय: मंगल को 'भूमि पुत्र' भी कहा जाता है। मंगल दोष निवारण के लिए मिट्टी के शिवलिंग की पूजा करना भी फलदायी होता है।

    मंगलवार के व्रत का महत्व

    जो लोग मंगल दोष के कारण वैवाहिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उन्हें कम से कम 21 मंगलवार का व्रत रखना चाहिए। इस दिन नमक का सेवन न करें और शाम को हनुमान जी को भोग लगाकर ही फलाहार करें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।