Pradosh Vrat 2026: शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए करें इन शक्तिशाली मंत्रों का जप, हर परेशानी से मिलेगा छुटकारा
वैदिक पंचांग के अनुसार, 14 फरवरी को प्रदोष व्रत है। इस शुभ अवसर पर शिव-शक्ति और शनिदेव की पूजा की जाएगी। यह व्रत विशेष कार्यों में सफलता और जीवन के सं ...और पढ़ें

Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, शनिवार 14 फरवरी को प्रदोष व्रत है। इस शुभ अवसर शिव शक्ति संग शनिदेव की पूजा की जाएगी। साथ ही विशेष कामों में सफलता और जीवन में व्याप्त संकटों से मुक्ति पाने के लिए व्रत रखा जाएगा।

धार्मिक मत है कि देवों के देव महादेव की पूजा करने से व्यक्ति विशेष को जीवन में सभी प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में आने वाली बलाएं भी टल जाती हैं। अगर आप भी न्याय के देवता शनिदेव को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो शनि प्रदोष व्रत के दिन पूजा के समय इन मंत्रों का जप अवश्य करें।
शिव मंत्र
1. सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।
उज्जयिन्यां महाकालं ओम्कारम् अमलेश्वरम्॥
परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशङ्करम्।
सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥
वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे।
हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥
एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः।।
2. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
3. नमामिशमीशान निर्वाण रूपं विभुं व्यापकं ब्रह्म वेद स्वरूपं।।
4. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
5. ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।
शनि देव के मंत्र
1. ऊँ शं शनैश्चाराय नमः।
2. ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः।
3. ॐ नीलाजंन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्।
छाया मार्तण्ड सम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।।
4. अपराधसहस्त्राणि क्रियन्तेहर्निशं मया।
दासोयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वर।।
गतं पापं गतं दु: खं गतं दारिद्रय मेव च।
आगता: सुख-संपत्ति पुण्योहं तव दर्शनात्।।
5. ऊँ श्रां श्रीं श्रूं शनैश्चाराय नमः।
ऊँ हलृशं शनिदेवाय नमः।
ऊँ एं हलृ श्रीं शनैश्चाराय नमः।
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