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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lakshmi Puja: शुक्रवार के दिन इस आसान विधि से करें मां लक्ष्मी की पूजा, धन से भर जाएगी खाली तिजोरी

By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
Published: Thu, 04 Jul 2024 01:19 PM (IST)

सनातन शास्त्रों में निहित है कि धन की देवी मां लक्ष्मी एक स्थान पर ज्यादा समय तक नहीं ठहरती हैं। ...और पढ़ें

Lakshmi Puja: धन की देवी मां लक्ष्मी को कैसे प्रसन्न करें?
Lakshmi Puja: धन की देवी मां लक्ष्मी को कैसे प्रसन्न करें?

HighLights

  1. सनातन धर्म में शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होता है।
  2. इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा की जाती है।
  3. लक्ष्मी वैभव व्रत करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Lakshmi Puja Vidhi In Hindi: शुक्रवार का दिन धन की देवी मां लक्ष्मी को अति प्रिय है। इस दिन मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा उपासना की जाती है। साथ ही मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए लक्ष्मी वैभव व्रत रखा जाता है। इस व्रत को स्त्री और पुरुष दोनों ही करते हैं। इस व्रत में अंतर भी रखा जाता है। लक्ष्मी वैभ व्रत के पुण्य-प्रताप से साधक के आय, सुख, सौभाग्य, यश, कीर्ति, पद,और प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। इसके अलावा, धन से संबंधित सभी प्रकार की परेशानियों का भी अंत होता है। अतः साधक शुक्रवार के दिन श्रद्धा भाव से धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा उपासना करते हैं। अगर आप भी मनचाहा वर पाना चाहते हैं, शुक्रवार के दिन इस आसान विधि से मां लक्ष्मी की पूजा करें।

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पूजा विधि

साधक शुक्रवार के दिन ब्रह्म बेला में उठें। इस समय धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रणाम कर दिन की शुरुआत करें। अब घर की साफ-सफाई करें। साथ ही पूजा गृह को साफ कर फूल समेत पूजा की सभी सामग्री एकत्र कर लें। अब गंगाजल से पूरे घर को शुद्ध करें। दैनिक कार्यों से निवृत्त होने के बाद गंगाजल युक्त पानी से स्नान-ध्यान करें। इस समय हथेली में जल लेकर आचमन कर स्वयं को शुद्ध करें। आचमन के समय इन मंत्रों का उच्चारण करें।

1. ॐ केशवाय नमः

ॐ नाराणाय नमः

ॐ माधवाय नमः

ॐ हृषीकेशाय नमः

ॐ गोविंदाय नमः

अब सफेद या लाल रंग का वस्त्र धारण करें और सूर्य देव को जल में कुमकुम मिलाकर अर्घ्य दें। इस समय निम्न मंत्र का उच्चाकर करें।

2. ऊँ ऐही सूर्यदेव सहस्त्रांशो तेजो राशि जगत्पते।

अनुकम्पय मां भक्त्या गृहणार्ध्य दिवाकर:।।

अब पंचोपचार कर विधि-विधान से मां लक्ष्मी की पूजा करें। इस समय मां लक्ष्मी को सफेद रंग के पुष्प, लाल गुलाब, अखंडित चावल और गुड़ से निर्मित खीर, हल्दी सफेद रंग की मिठाई, हल्दी और कौड़ी अर्पित करें। पूजा के समय लक्ष्मी चालीसा, लक्ष्मी मंत्र और लक्ष्मी स्त्रोत का पाठ करें। वहीं, पूजा का समापन लक्ष्मी आरती से करें। आरती के समय धनी की देवी मां लक्ष्मी से सुख-समृद्धि एवं धन में वृद्धि की कामना करें। वहीं, कौड़ी और हल्दी को पीले या लाल रंग के वस्त्र में बांधकर तिजोरी में रख दें। इस उपाय को करने से धन संबंधी परेशानी दूर हो जाती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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