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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ekdant Sankashti Chaturthi 2024: एकदंत संकष्टी चतुर्थी पर इस स्तोत्र का करें पाठ, दुखों से मिलेगी मुक्ति

    Updated: Mon, 20 May 2024 04:25 PM (GMT+05:30)

    हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। ज्येष्ठ माह की पहली चतुर्थी को एकदंत संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जात ...और पढ़ें

    Ekdant Sankashti Chaturthi 2024: एकदंत संकष्टी चतुर्थी पर इस स्तोत्र का करें पाठ, दुखों से मिलेगी मुक्ति
    Ekdant Sankashti Chaturthi 2024: एकदंत संकष्टी चतुर्थी पर इस स्तोत्र का करें पाठ, दुखों से मिलेगी मुक्ति

    HighLights

    1. हर महीने में दो चतुर्थी तिथि होती है।
    2. चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की पूजा की जाती है।
    3. गणेश स्तोत्र का पाठ करना बेहद फलदयी होता है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Ganesh Stotram Lyrics: चतुर्थी तिथि भगवान शिव के पुत्र गणपति बप्पा को समर्पति है। हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। ज्येष्ठ माह की पहली चतुर्थी को एकदंत संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष यह पर्व 26 मई को है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत करने का विधान है। धार्मिक मान्यता है कि प्रभु की आरधना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन के दुखों से छुटकारा मिलता है। इस दिन पूजा के दौरान गणेश स्तोत्र का पाठ करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं। आइए पढ़ते हैं गणेश स्तोत्र का पाठ।

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    गणेश स्तोत्र (Ganesha Stotram)

    शृणु पुत्र महाभाग योगशान्तिप्रदायकम् ।

    येन त्वं सर्वयोगज्ञो ब्रह्मभूतो भविष्यसि ॥

    चित्तं पञ्चविधं प्रोक्तं क्षिप्तं मूढं महामते ।

    विक्षिप्तं च तथैकाग्रं निरोधं भूमिसज्ञकम् ॥

    तत्र प्रकाशकर्ताऽसौ चिन्तामणिहृदि स्थितः ।

    साक्षाद्योगेश योगेज्ञैर्लभ्यते भूमिनाशनात् ॥

    चित्तरूपा स्वयंबुद्धिश्चित्तभ्रान्तिकरी मता ।

    सिद्धिर्माया गणेशस्य मायाखेलक उच्यते ॥

    अतो गणेशमन्त्रेण गणेशं भज पुत्रक ।

    तेन त्वं ब्रह्मभूतस्तं शन्तियोगमवापस्यसि ॥

    इत्युक्त्वा गणराजस्य ददौ मन्त्रं तथारुणिः ।

    एकाक्षरं स्वपुत्राय ध्यनादिभ्यः सुसंयुतम् ॥

    तेन तं साधयति स्म गणेशं सर्वसिद्धिदम् ।

    क्रमेण शान्तिमापन्नो योगिवन्द्योऽभवत्ततः ॥

    सिद्धि प्राप्ति हेतु मंत्र

    श्री वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा ॥

    धन लाभ हेतु मंत्र

    ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं में वशमानय स्वाहा।

    एकदंत संकष्टी चतुर्थी 2024 डेट और शुभ मुहूर्त (Ekdant Sankashti Chaturthi 2024 Date and Shubh Muhurat)

    ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 26 मई को सुबह 06 बजकर 06 मिनट पर होगा और इसका समापन अगले दिन यानी 27 मई को सुबह 04 बजकर 53 मिनट पर होगा। ऐसे में एकदंत संकष्टी चतुर्थी का त्योहार 26 मई को मनाया जाएगा।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।