यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ganesh Chaturthi 2024: 06 या 07 सितंबर, कब घर आएंगे बप्पा, जल्दी से नोट कर लें गणेश चतुर्थी की डेट
गणेश चतुर्थी पर्व का उत्साह पूरे भारत में खासकर महाराष्ट्र में देखने को मिलता है। (Ganesh Chaturthi kab hai) यह पर्व लगभग 10 दिनों तक चलता है। इस दौरा ...और पढ़ें

HighLights
- भगवान गणेश को समर्पित है गणेश चतुर्थी का पर्व।
- हिंदू धर्म में प्रथम पूज्य देव माने जाते हैं भगवान गणेश।
- चतुर्थी पर गणेश जी की पूजा से मिलते हैं शुभ परिणाम।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2024) मनाई जाती है। इस दौरान गणेश जी की पूजा-अर्चना करना बहुत ही शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म में भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है। ऐसे में गणेश चतुर्थी के विशेष अवसर पर आप गणपति जी की पूजा-अर्चना द्वारा उनकी कृपा के पात्र बन सकते हैं।
गणेश चतुर्थी शुभ मुहूर्त (Ganesh Chaturthi Shubh muhurat)
भाद्रपद माह की चतुर्थी तिथि का प्रारम्भ 06 सितंबर, 2024 को दोपहर 03 बजकर 01 मिनट पर हो रहा है। वहीं इस तिथि का समापन 07 सितंबर को शाम 05 बजकर 37 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार गणेश चतुर्थी का पर्व शनिवार, 07 सितंबर को मनाया जाएगा। इस दौरान गणेश जी की पूजा का मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाला है -
मध्याह्न गणेश पूजा मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 03 से दोपहर 01 बजकर 34 मिनट तक

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इस तरह करें गणेश जी की पूजा
सर्वप्रथम गणेश चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी भगवान गणेश को प्रणाम करें और तीन बार आचमन करें। स्नान आदि से निवृत होने के बाद मंदिर की अच्छे से साफ-सफाई कर लें। इसके बाद गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें और उन्हें पंचामृत से स्नान कराएं। पूजा के दौरान गणेश जी को वस्त्र, जनेऊ, चंदन, दूर्वा, अक्षत, धूप, दीप, पीले पुष्प और फल आदि अर्पित करें।
भगवान गणेश की पूजा के दौरान उन्हें 21 दूर्वा जरूर चढ़ाएं। ऐसा करना बहुत ही शुभ माना जाता है। दूर्वा अर्पित करते समय 'श्री गणेशाय नमः दूर्वांकुरान् समर्पयामि' मंत्र का जाप करें। पूजा के अंत में समस्त सदस्यों के साथ मिलकर गणेश जी की आरती करें और प्रसाद बांटें।
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