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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Kalashtami 2024: कालाष्टमी के दिन इन मंत्रों का करें जाप, बदल जाएगी आपकी किस्मत

    By Jagran News Edited By: Pravin Kumar
    Updated: Thu, 04 Jan 2024 09:19 AM (IST)

    देवों के देव महादेव के रौद्र रूप काल भैरव देव की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही उनके निमित्त व्रत-उपवास रखा जाता है। इस बार साल 2024 की पहली काल ...और पढ़ें

    Kalashtami 2024: कालाष्टमी के दिन इन मंत्रों का करें जाप, बदल जाएगी आपकी किस्मत
    Kalashtami 2024: कालाष्टमी के दिन इन मंत्रों का करें जाप, बदल जाएगी आपकी किस्मत

    HighLights

    1. सनातन धर्म में कालाष्टमी पर्व का अधिक महत्व है।
    2. हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है।
    3. इस बार साल 2024 की पहली कालाष्टमी 4 जनवरी को है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Kalashtami Mantra 2024: सनातन धर्म में कालाष्टमी पर्व का अधिक महत्व है। हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। इस दिन देवों के देव महादेव के रौद्र रूप काल भैरव देव की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही उनके निमित्त व्रत-उपवास रखा जाता है। इस बार साल 2024 की पहली कालाष्टमी 4 जनवरी को है। धार्मिक मत है कि भगवान काल भैरव की विधिपूर्वक पूजा-व्रत करने से व्यक्ति का जीवन सुखमय होता है। साथ ही पूजा के दौरान मंत्रों का जाप करने से सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। चलिए जानते हैं कालाष्टमी पूजा के दौरान जाप किए जाने वालों मंत्रों के बारे में।

    कालाष्टमी पूजां मंत्र

    1. ॐ ह्रीं वं भैरवाय नमः

    2. 'भैरवाय नमः'

    3. ॐ बतुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बतुकाय हुं फट् स्वाहा

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    4.ॐ ह्रीं बगलामुखाय पंचास्य स्तम्भय स्तम्भय मोहय मोहय मायामुखायै हुं फट् स्वाहा

    5.भैरवाय नमस्कृतोऽस्तु भैरवाय स्वाहा

    6.ॐ नमो नरसिंह भैरवाय अमुकं मम वशमानय स्वाहा

    7.ॐ ह्रीं नमो भगवते भैरवाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु भगवान्

    8.ॐ भैरवाय फट्

    कालाष्टमी का महत्व

    कालाष्टमी के दिन विधिपूर्वक भगवान काल भैरव की पूजा की जाती है। मान्यता है कि पूजा-व्रत करने से साधक के जीवन में खुशियों का आगमन होता है और सुख-शांति मिलती है और भगवान काल भैरव प्रसन्न होते हैं। तंत्र विद्या सीखने वाले साधकों के लिए यह दिन विशेष होता है। कालाष्टमी के दिन उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर समेत कई मंदिरों में भगवान काल भैरव की पूजा की जाती है और भजन-कीर्तन किया जाता है।

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    Author- Kaushik Sharma

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