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    108 बार करें महादेव के इस मंत्र का जाप, जाग जाएगी सोई हुई किस्मत

    Updated: Thu, 08 Jan 2026 04:00 PM (IST)

    ॐ नमः शिवाय मंत्र भगवान शिव को प्रसन्न करने का एक शक्तिशाली साधन है, जो ब्रह्मांडीय ऊर्जा का स्रोत है। जानिए 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र के जाप की सही संख्या ...और पढ़ें

    सारे दुख मिटाएगा भगवान शिव का ये मंत्र (Image Source: AI-Generated)

    सारे दुख मिटाएगा भगवान शिव का ये मंत्र (Image Source: AI-Generated)

    HighLights

    1. हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, ॐ नमः शिवाय ब्रह्मांड की संपूर्ण ऊर्जा का स्रोत है

    2. जाप करते वक्त सही विधि और संख्या का पूरा ध्यान रखना बेहद जरूरी है

    3. रोजाना कम से कम 108 बार भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भगवान भोलेनाथ सच्ची श्रद्धा और भाव के भूखे हैं। अगर आप पूरा मन से उनके मंत्रों का जाप करते हैं, तो वे प्रसन्न होकर आपके जीवन के सभी कष्टों को दूर कर देते हैं। शिव पुराण और हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, 'ॐ नमः शिवाय' (Om Namah Shivaya) केवल एक मंत्र नहीं, बल्कि ब्रह्मांड की संपूर्ण ऊर्जा का स्रोत है। भगवान शिव को 'आशुतोष' कहा जाता है, जिसका अर्थ है जो जल्द प्रसन्न हो जाएं। अगर आप पूरे मन से उनकी पूजा करते हैं तो उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं। इसके लिए यह पंचाक्षरी मंत्र सबसे सरल और प्रभावशाली साधन माना गया है।

    यहां जानिए इस महामंत्र के जाप की सही विधि, संख्या और इससे मिलने वाले आध्यात्मिक लाभ के बारे में:

    'ॐ नमः शिवाय' मंत्र की महिमा

    यह मंत्र पंच तत्वों- पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश का प्रतीक है। इसके निरंतर जाप से व्यक्ति के भीतर की नकारात्मकता समाप्त होती है। साथ ही, उसे आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है। यह मंत्र मन को नियंत्रित करने और एकाग्रता बढ़ाने का रामबाण उपाय माना गया है।

    कितनी बार करें इस मंत्र का जाप?

    शास्त्रों में अलग-अलग उद्देश्यों के लिए जाप की अलग-अलग संख्या बताई गई है:

    दैनिक पूजा: अगर आप रोजाना कम से कम 108 बार (एक माला) जाप करते हैं तो आपको इसका फल जरूर मिलेगा। इससे मानसिक तनाव भी कम होता है और आपके जीवन में पॉजिटिविटी बनती है ।

    मनोकामना पूर्ति के लिए: अगर आप किसी विशेष इच्छा की पूर्ति चाहते हैं, तो सवा लाख (1,25,000) बार मंत्र का जाप करने का संकल्प लेना चाहिए। इसे आप अपनी सुविधा अनुसार, 21, 41 या 51 दिनों में पूरा कर सकते हैं।

    संकट और भय से मुक्ति: अगर आपका मन बहुत ही ज्यादा अशांत हो या किसी अनहोनी का भय हो, तो 1008 बार जाप करने से तुरंत राहत और आत्मबल मिलता है।

    Om namah Shivay

    (Image Source: AI-Generated)

    जाप की सही विधि

    मंत्र का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए कुछ नियमों का पालन करना लाभकारी होता है:

    समय का ध्यान: जाप के लिए सुबह का समय (ब्रह्म मुहूर्त) सर्वश्रेष्ठ है, लेकिन शाम को प्रदोष काल में भी किया जा सकता है।

    आसन बेहद जरूरी: कुशा या ऊन के आसन पर बैठकर ही जाप करें।

    माला अनिवार्य है: जाप के लिए रुद्राक्ष की माला का ही प्रयोग करें, क्योंकि रुद्राक्ष स्वयं शिव का अंश माना जाता है।

    सही दिशा का चयन: जाप करते समय अपना मुख पूर्व (East) या उत्तर (North) दिशा की ओर रखें।

    मंत्र जाप के लाभ

    ग्रह दोषों से मुक्ति: अगर आपकी कुंडली में ग्रह दोष है, तो इस मंत्र के जाप से कुंडली के ग्रह दोष, विशेषकर शनि और चंद्र के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।

    रोग और भय का नाश: आध्यात्मिक ऊर्जा शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और अकाल मृत्यु जैसे भय से मुक्ति दिलाती है।

    सफलता: कार्यक्षेत्र में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है। इसका सीधा का मतलब है कि इससे आपके करियर में सफलता प्राप्त करने के चांसेज बढ़ जाते हैं।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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