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    Vishnu Mantra: गुरुवार की पूजा में जपें ये सिद्ध मंत्र, हर अधूरी इच्छा होगी पूरी

    Updated: Wed, 25 Feb 2026 02:30 PM (IST)

    फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि (26 फरवरी, गुरुवार) को लक्ष्मी नारायण जी की पूजा का विशेष महत्व है। ...और पढ़ें

    Vishnu Mantra: भगवान विष्णु को कैसे प्रसन्न करें?

    Vishnu Mantra: भगवान विष्णु को कैसे प्रसन्न करें?

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, गुरुवार 26 फरवरी को फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। इस शुभ अवसर पर लक्ष्मी नारायण जी की भक्ति भाव से पूजा की जाएगी। इस दिन महिलाएं मनचाही मुराद पाने के लिए व्रत रखती हैं। इस व्रत के पुण्य-प्रताप से साधक के सकल मनोरथ सिद्ध हो जाते हैं।

    vshnu ji

    ज्योतिष कुंडली में गुरु मजबूत करने के लिए गुरुवार के दिन लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने की सलाह देते हैं। अगर आप भी लक्ष्मी नारायण जी की कृपा पाना चाहते हैं, तो गुरुवार के दिन पूजा के समय इन मंत्रों का जप करें।

    विष्णु मंत्र

    1. ॐ नमोः नारायणाय॥

    2. विष्णु भगवते वासुदेवाय मन्त्र
    ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥

    3. ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि।
    तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥

    4. शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्
    विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्।
    लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम्
    वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥

    5. मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुडध्वजः।
    मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥

    6. दन्ताभये चक्र दरो दधानं, कराग्रगस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
    धृताब्जया लिंगितमब्धिपुत्रया, लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे।।

    7. ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः॥

    8. ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद
    ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नमः॥

    9. ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि,
    तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥

    10. ॐ वासुदेवाय विघ्माहे वैधयाराजाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात् ||
    ॐ तत्पुरुषाय विद्‍महे अमृता कलसा हस्थाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात् ||

    स्तोत्र

    तुलसी श्रीमहादेवि नमः पंकजधारिणी ।
    शिरो मे तुलसी पातु भालं पातु यशस्विनी ।।
    दृशौ मे पद्मनयना श्रीसखी श्रवणे मम ।
    घ्राणं पातु सुगंधा मे मुखं च सुमुखी मम ।।
    जिव्हां मे पातु शुभदा कंठं विद्यामयी मम ।
    स्कंधौ कह्वारिणी पातु हृदयं विष्णुवल्लभा ।।
    पुण्यदा मे पातु मध्यं नाभि सौभाग्यदायिनी ।
    कटिं कुंडलिनी पातु ऊरू नारदवंदिता ।।
    जननी जानुनी पातु जंघे सकलवंदिता ।
    नारायणप्रिया पादौ सर्वांगं सर्वरक्षिणी ।।
    संकटे विषमे दुर्गे भये वादे महाहवे ।
    नित्यं हि संध्ययोः पातु तुलसी सर्वतः सदा ।।
    इतीदं परमं गुह्यं तुलस्याः कवचामृतम् ।
    मर्त्यानाममृतार्थाय भीतानामभयाय च ।।
    मोक्षाय च मुमुक्षूणां ध्यायिनां ध्यानयोगकृत् ।
    वशाय वश्यकामानां विद्यायै वेदवादिनाम् ।।
    द्रविणाय दरिद्राण पापिनां पापशांतये ।।
    अन्नाय क्षुधितानां च स्वर्गाय स्वर्गमिच्छताम् ।
    पशव्यं पशुकामानां पुत्रदं पुत्रकांक्षिणाम् ।।
    राज्यायभ्रष्टराज्यानामशांतानां च शांतये ।
    भक्त्यर्थं विष्णुभक्तानां विष्णौ सर्वांतरात्मनि ।।
    जाप्यं त्रिवर्गसिध्यर्थं गृहस्थेन विशेषतः ।
    उद्यन्तं चण्डकिरणमुपस्थाय कृतांजलिः ।।
    तुलसीकानने तिष्टन्नासीनौ वा जपेदिदम् ।
    सर्वान्कामानवाप्नोति तथैव मम संनिधिम् ।।
    मम प्रियकरं नित्यं हरिभक्तिविवर्धनम् ।
    या स्यान्मृतप्रजा नारी तस्या अंगं प्रमार्जयेत् ।।
    सा पुत्रं लभते दीर्घजीविनं चाप्यरोगिणम् ।
    वंध्याया मार्जयेदंगं कुशैर्मंत्रेण साधकः ।।
    साSपिसंवत्सरादेव गर्भं धत्ते मनोहरम् ।
    अश्वत्थेराजवश्यार्थी जपेदग्नेः सुरुपभाक ।।
    पलाशमूले विद्यार्थी तेजोर्थ्यभिमुखो रवेः ।
    कन्यार्थी चंडिकागेहे शत्रुहत्यै गृहे मम ।।
    श्रीकामो विष्णुगेहे च उद्याने स्त्री वशा भवेत् ।
    किमत्र बहुनोक्तेन शृणु सैन्येश तत्त्वतः ।।
    यं यं काममभिध्यायेत्त तं प्राप्नोत्यसंशयम् ।
    मम गेहगतस्त्वं तु तारकस्य वधेच्छया ।।
    जपन् स्तोत्रं च कवचं तुलसीगतमानसः ।
    मण्डलात्तारकं हंता भविष्यसि न संशयः ।।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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