Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Bajrang Baan Benefits: मंगलवार को बजरंग बाण के पाठ से मिलेगी हर डर से मुक्ति, बरसेगी हनुमान जी की कृपा

    Updated: Mon, 23 Feb 2026 03:33 PM (IST)

    धार्मिक मत है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के नाम का जप करने वाले साधकों पर हनुमान जी (Bajrang Baan Benefits) की विशेष कृपा बरसती है। ...और पढ़ें

    Bajrang Baan Benefits: बजरंग बाण पाठ के लाभ

    Bajrang Baan Benefits: बजरंग बाण पाठ के लाभ 

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर राम परिवार संग हनुमान जी की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही मंगलवार का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही सभी संकटों से भी मुक्ति मिलती है।

    Hanuman ji

    अगर आप भी आर्थिक तंगी समेत जीवन में व्याप्त परेशानियों से निजात पाना चाहते हैं, तो मंगलवार के दिन भक्ति भाव से हनुमान जी की पूजा करें। साथ ही पूजा के समय हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ (Bajrang Baan Benefits) करें।

    ॥श्री बजरंग बाण पाठ॥

    ॥ दोहा ॥

    निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान ।
    तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥

    ॥ चौपाई ॥

    जय हनुमंत संत हितकारी । सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ॥
    जन के काज बिलंब न कीजै । आतुर दौरि महा सुख दीजै ॥
    जैसे कूदि सिंधु महिपारा । सुरसा बदन पैठि बिस्तारा ॥
    आगे जाय लंकिनी रोका । मारेहु लात गई सुरलोका ॥
    जाय बिभीषन को सुख दीन्हा । सीता निरखि परमपद लीन्हा ॥
    बाग उजारि सिंधु महँ बोरा । अति आतुर जमकातर तोरा ॥
    अक्षय कुमार मारि संहारा । लूम लपेटि लंक को जारा ॥
    लाह समान लंक जरि गई । जय जय धुनि सुरपुर नभ भई ॥
    अब बिलंब केहि कारन स्वामी । कृपा करहु उर अन्तर्यामी ॥
    जय जय लखन प्राण के दाता । आतुर ह्वै दुःख करहु निपाता ॥
    जै गिरिधर जै जै सुख सागर । सुर-समूह-समरथ भटनागर ॥
    ॐ हनु हनु हनु हनुमंत हठीले । बैरिहि मारु बज्र की कीले ॥
    गदा बज्र लै बैरिहिं मारो। महाराज प्रभु दास उबारो॥
    ॐ कार हुंकार महाप्रभु धावो । बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो ।
    ॐ ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीशा । ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा ॥
    सत्य होहु हरि शपथ पायके । राम दूत धरु मारु जाय के ॥
    जय जय जय हनुमंत अगाधा । दुःख पावत जन केहि अपराधा ॥
    पूजा जप तप नेम अचारा । नहिं जानत हौं दास तुम्हारा ॥
    वन उपवन मग गिरि गृह माहीं । तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं ॥
    पांय परौं कर जोरि मनावौं । येहि अवसर अब केहि गोहरावौं ॥
    जय अंजनि कुमार बलवंता । शंकर सुवन वीर हनुमंता ॥
    बदन कराल काल कुल घालक । राम सहाय सदा प्रतिपालक ॥
    भूत, प्रेत, पिशाच निशाचर । अग्नि बेताल काल मारी मर ॥
    इन्हें मारु, तोहि शपथ राम की । राखउ नाथ मरजाद नाम की ॥
    जनकसुता हरि दास कहावो । ताकी शपथ बिलंब न लावो ॥
    जै जै जै धुनि होत अकासा । सुमिरत होय दुसह दुःख नाशा ॥
    चरण शरण कर जोरि मनावौं । यहि अवसर अब केहि गोहरावौं ॥
    उठु, उठु, चलु, तोहि राम दुहाई । पाँय परौं, कर जोरि मनाई ॥
    ॐ चं चं चं चं चपल चलंता । ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता ॥
    ॐ हं हं हाँक देत कपि चंचल । ॐ सं सं सहमि पराने खल दल ॥
    अपने जन को तुरत उबारो । सुमिरत होय आनंद हमरो ॥
    यह बजरंग बाण जेहि मारै । ताहि कहो फिरि कौन उबारै ॥
    पाठ करै बजरंग बाण की । हनुमत रक्षा करै प्रान की ॥
    यह बजरंग बाण जो जापै । ताते भूत-प्रेत सब कापैं ॥
    धूप देय जो जपै हमेशा । ताके तन नहिं रहै कलेशा ॥

    ॥ दोहा ॥

    प्रेम प्रतीतिहि कपि भजै, सदा धरै उर ध्यान।
    तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान ॥

    यह भी पढ़ें- Hanuman Ji Mantra: हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए जपें ये सिद्ध मंत्र, पल भर में टल जाएगी हर मुसीबत

    यह भी पढ़ें- Hanuman Chalisa Rules: हनुमान चालीसा का पाठ करते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, यहां जानें जरूरी नियम

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

    खबरें और भी