शुक्रवार उपाय: मां लक्ष्मी के इन मंत्रों में छुपी है कुबेर की संपत्ति, पढ़ें घर में कैसे आएगी बरकत
शुक्रवार का दिन धन की देवी माँ लक्ष्मी को समर्पित होता है। मान्यता है कि अगर इस दिन सच्चे मन से देवी की उपासना की जाए, तो घर में कभी दरिद्रता कदम नहीं ...और पढ़ें

Friday Tips: शुक्रवार को कैसे करें मां लक्ष्मी की पूजा (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया में हर व्यक्ति चाहता है कि उस पर मां लक्ष्मी (Maa Laxmi) की कृपा बनी रहे और उसका घर धन-धान्य से भरा रहे। लेकिन, कई बार कड़ी मेहनत के बाद भी पैसा हाथ में नहीं टिकता या व्यापार में बरकत नहीं होती। ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुक्रवार के दिन (Shukravaar Ke Din) किए गए कुछ विशेष मंत्र और उपाय इस समस्या का पक्का समाधान हो सकते हैं।

(Image Source: AI-Generated)
मां लक्ष्मी के चमत्कारी मंत्र
शुक्रवार की सुबह नहाने के बाद लाल कपड़े धारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों और पुरानी संहिताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी के कुछ मंत्र इतने शक्तिशाली हैं कि उनका नियमित जाप कर्ज से मुक्ति दिलाने और वैभव बढ़ाने में मदद करता है-
महालक्ष्मी बीज मंत्र: “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद, ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नमः”। इस मंत्र का जाप करने से रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बनते हैं और दरिद्रता का नाश होता है।
सुख-समृद्धि के लिए: “ॐ श्रीं नमः”। यह मंत्र मानसिक शांति और घर में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) लाता है।
बरकत के लिए विशेष उपाय
ज्योतिष विद्वानों और आध्यात्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि लक्ष्मी जी को चावल की खीर या सफेद मिठाई का भोग लगाना बहुत प्रिय है। शुक्रवार के दिन खीर बनाकर कन्याओं को खिलाने से घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। इसके अलावा, दुकान या व्यापार में तरक्की के लिए शुक्रवार को 'श्री-यंत्र' की स्थापना करके उसकी विधिवत पूजा करनी चाहिए।
शास्त्रों के अनुसार, जो लोग इस दिन किसी जरूरतमंद को सफेद अनाज (जैसे चावल या चीनी) दान करते हैं, उनके जीवन से शुक्र ग्रह का दोष (Shukra Grah Ka Dosh) खत्म हो जाता है। शुक्र ग्रह सुख-सुविधाओं का कारक है, इसलिए इसकी मजबूती से जीवन में विलासिता और आराम बढ़ता है।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें- Jaya Ekadashi 2026 Date: कब है जया एकदाशी? ऐसे करें व्रत का पारण, पढ़ें शुभ मुहूर्त और विधि
यह भी पढ़ें- Navgrah Healing: कुंडली दोष से मिलेगी मुक्ति, ग्रहों के ये 9 मंत्र मन की अशांति को कर देंगे जड़ से खत्म
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।