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चाणक्य नीति: जो नहीं देते हैं आपको भाव, वो भी आपसे बात करने को तरसेंगे; सीख लें ये 5 बातें

Updated: Tue, 04 Aug 2026 08:27 PM (GMT+05:30)

चाणक्य नीति के अनुसार अगर लोग आपको भाव नहीं देते तो ये 5 बातें अपना लें। इन नियमों से वही ...और पढ़ें

चाणक्य की वो 5 सीखें जो आपको सम्मान और सफलता दोनों दिलाएंगी। (Picture Credit- AI Generated)

चाणक्य की वो 5 सीखें जो आपको सम्मान और सफलता दोनों दिलाएंगी। (Picture Credit- AI Generated)

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समय कम है?

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अहंकार मनुष्‍य का सबसे बड़ा शत्रु होता है। इसकी वजह से हम खुद को बड़ा और दूसरों को छोटा समझने लगते हैं। जीवन में आपने भी कई बार यह अनुभव किया होगा या आप किसी न किसी ऐसे व्‍यक्ति से टकराए होंगे, जो खुद को अधिक महत्‍व देता होगा और आपको नजरअंदाज करता होगा।

जाहिर है, अपने प्रति किसी का ऐसा व्‍यवहार बहुत ही खराब लगता है और कई बार तो यह हीनभावना का शिकार भी बना देता है। इस परिस्थिति में खुद को किसी से कम समझने की बजाय आपको अपने व्यवहार में बदलाव करना चाहिए। चाणक्‍य नीति में बताई गई 5 ऐसी बातों को अगर आप अपने व्‍यवहार में शामिल कर लेंगे, तो जो आपको भाव नहीं दे रहे, वही आप से बात करने को तरसेंगे।

सबके लिए न रहें उपलब्‍ध

खुद को दूसरों के लिए सीमित रखें। ऐसा न हो कि जो जब चाहे उसके लिए आप तब उपलब्‍ध हो जाएं। खुद को खुद के काम में व्‍यस्‍त रखें न कि किसी और के काम के लिए समय लगाएं। जब आप ऐसा करेंगे, तो लोग आपकी उपलब्‍धता के लिए इंतजार करेंगे, क्‍योंकि जो काम आप कर सकते हैं वह केवल आप ही कर सकते हैं।

बात कम काम ज्‍यादा

मौन रहना सबसे अच्‍छा काम होता है। यह कठिन है, मगर जो इस पर विजय पा ले, वही सफल है। अपने काम पर फोकस करें। जब आप ज्‍यादा बोलेंगे ही नहीं, तो लोगों के अंदर आपको सुनने की उत्‍सुकता अपने-आप जागृत होगी।

कमजोरी न बताएं

कई बार लोगों की आदत रोने की होती है। उन्हें लगता है कि अपनी कमजोरी और दुख दूसरों के आगे रोकर वह उनकी सिंपैथी पा लेंगे। लेकिन होता इसका उल्टा है। आपकी कमजोरी जानकर लोग आपका फायदा उठाने लग जाते हैं।

दूसरों के पीछे भागना छोड़ें

अगर आपको लगता है कि कोई आपको भाव नहीं दे रहा है, तो आपको भी उसे बहुत महत्‍व देने की आवश्‍यकता नहीं है। जितना आप किसी चीज या किसी व्‍यक्ति के पीछे भागेंगे, वह उतनी आपसे दूर होती जाएगी। इसलिए खुद को महत्‍व देना सीखें।

हर बात हर किसी को न बताएं

यह बात आपको समझना बहुत जरूरी है कि कुछ बातों को अपने तक सीमित रखें या फिर केवल उन्‍हें ही बताएं, जो उसका महत्‍व समझ सकें। जरूरी नहीं है कि आपके लिए जो महत्‍वपूर्ण है वह दूसरे व्‍यक्ति के लिए भी उतना ही महत्‍वपूर्ण होगा ।

अतः चाणक्य नीति की इन पांच बातों को यदि आप ध्यान में रखेंगे, तो लोगों के बीच आपकी ही कीमत बढ़ जाएगी।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।