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    अहम ब्रह्मास्मि से सर्वे भवन्तु सुखिनः तक: जानिए हिंदू धर्म के 5 सबसे अनमोल विचार

    Updated: Fri, 26 Jun 2026 09:00 AM (IST)

    हिंदू धर्म में कई ऐसे वाक्यांश हैं जो इसके गहन महत्व, आध्यात्मिक दर्शन और नैतिक मूल्यों को दर्शाते हैं। ये 5 वाक्यांश हर हिंदू को पता होने चाहिए जो सन ...और पढ़ें

    हिंदू धर्म से जुड़े पांच अनमोल विचार (AI-Generated Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में कई ऐसे वाक्यांश, मंत्र और श्लोक हैं, जो इसके गहन महत्व, आध्यात्मिक दर्शन, जीवन के नैतिक मूल्यों और ब्रह्मांडीय सत्य को दर्शाते हैं। ये वाक्यांश जीवन जीने के उचित तरीके और नैतिक शिक्षा प्रदान करते हैं।

    हिंदू धर्म से जुड़े 5 ऐसे वाक्यांश जिनके बारे में हर किसी को पता होना ही चाहिए।

    5 हिंदू वाक्यांश जो हर हिंदू को पता होने चाहिए?

    1. यतो धर्मा ततो जया

    यतो धर्मा ततो जया एक संस्कृत श्लोक है, जिसका मतलब है कि, 'जहां धर्म है, वहां विजय है' जो व्यक्ति सच और न्याय के साथ खड़ा होता है, उसे कोई भी पराजित नहीं कर सकता।

    2. अहम ब्रह्मास्मि

    अहम ब्रह्मास्मि वाक्यांश का मतलब 'मैं ब्रह्मा हूं'। यह बृहदारण्यक उपनिषद का अंश है। यह वाक्या इस बात की ओर इशारा करता है कि, हम सिर्फ एक शरीर नहीं है, बल्कि हम उस असीमित शक्ति का हिस्सा हैं, जिसे ब्रह्म कहा जाता है।

    3. एकम सत विप्रा बहुधा वदन्ति

    इस वाक्यांश का मतलब सच एक है, लेकिन ज्ञान लोग उसे अलग-अलग नामों से बुलाते हैं।

    4. जननी जन्मभूमि स्वर्गदापी ग्यराशी

    इस हिंदू वाक्यांश का उल्लेख वाल्मीकि रामायण में देखने को मिलता है, जिसका मतलब है कि, जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बेहतर है। इनकी सेवा करना हमारा धर्म है।

    5. सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया।

    इस हिंदू वाक्यांश का अर्थ है कि, हर कोई सुखी रहे, सभी रोगमुक्त रहें, सभी का जीवन मंगलमय बनें और कोई भी दुख का भागी न बने। हे भगवान हमें ऐसा आशीर्वाद प्रदान करें।

    दुनिया के सबसे पुराने धर्मों में से एक हिंदू धर्म 7 सिद्धांतों का पालन करता है। ब्रह्म ही सच है, आत्मा अजर और अमर है, आत्मा का आखिरी लक्ष्य मोक्ष को प्राप्त करना है, कर्म, धर्म, पुनर्जन्म और मोक्ष, अंहिसा और सत्य पर आधारित है।

    हर हिंदू को कम से कम इन 5 वाक्यांश के बारे में पता होना चाहिए, क्योंकि यही सनातन धर्म की असली ताकत है। सनातन धर्म केवल रीति-रिवाज नहीं है, बल्कि यह सोचने, जीने और टिके रहने का एक तरीका है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।