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    आर्थिक तंगी हो या बीमारी, कलयुग के देवता हनुमान जी के 5 पाठ दिलाएंगे हर समस्या से निजात

    Updated: Wed, 10 Jun 2026 06:30 PM (GMT+05:30)

    हनुमान जी के 5 दिव्य पाठ जो जीवन के सभी कष्टों और गंभीर संकटों से मुक्ति दिलाते हैं। ये पाठ आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य समस्याओं और शत्रुओं के भय को दूर कर ...और पढ़ें

    हनुमान जी के 5 दिव्य पाठ (Picture Credits AI-Generated Image)

    हनुमान जी के 5 दिव्य पाठ (Picture Credits AI-Generated Image)

    HighLights

    1. बजरंग बाण संकटों का नाश कर मनोकामना पूरी करता है।

    2. हनुमान चालीसा नकारात्मक ऊर्जा दूर कर आत्मविश्वास बढ़ाती है।

    3. सुंदरकांड मानसिक शांति और ग्रह दोषों को शांत करता है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में महाबली हनुमान जी को कलयुग का देवता कहा जाता है। वे चिंरजीवी हैं जो आज भी धरती पर वास करते हैं। हनुमान जी की उपासना से न सिर्फ जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं, बल्कि साधकर के अंदर अदम्य साहस, बुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होता है।

    अक्सर लोग सिर्फ हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, जो अपने में काफी प्रभावशाली है। लेकिन शास्त्रों में हनुमान जी से जुड़े कुछ ऐसे दिव्य पाठों का जिक्र जो खासतौर से मनोकामना पूर्ति और गंभीर संकटों से मुक्ति के लिए अचूक माने जाते हैं। चाहे जीवन में आर्थिक तंगी हो या स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या, दुश्मनों का डर नियमित रूप से इन 5 पाठों को करने से हर समस्या से मुक्ति मिलती है।

    बजरंग बाण

    गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित बजरंग बाण हनुमान चालीसा की ही सामान्य प्रार्थना नहीं, बल्कि एक बाण के रूप में कार्य करती है। जिस तरह धनुष से निकला बाण अपने लक्ष्य को भेदने के बाद ही रूकता है, ठीक उसी तरह बजरंग बाण का पाठ तभी फल प्रदान करता है, जब तक की साधक के संकट का समूल नाश न हो जाए।

    हनुमान जी के पांच दिव्य पाठ

    हनुमान चालीसा

    जो व्यक्ति सुबह और शाम को हनुमान चालीसा का पाठ करता है, उसे कोई भी व्यक्ति परास्त नहीं कर सकता। हनुमान चालीसा का पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होने के साथ व्यक्ति में आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होती है। इसके अलावा यह बुरी शक्तियों, नकारात्मकता और काले जादू से बचाव का सबसे कारगर आध्यात्मिक कवच माना जाता है।

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    सुंदरकांड

    पूरी रामायण को वाल्मिकी जी ने कई खंडों में विभक्त किया। इसमें राम जी के जन्म से लेकर उम्र के तमाम पड़ाव को दर्शाया गया है। इन सभी खंडों को ही सुंदरकांड कहा जाता है। नियमित रूप से सुंदरकांड का पाठ करने से मानसिक शांति के साथ असीम साहस और नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन भी लोगों की कुंडली में ग्रह असंतुलित भावों में हैं, सुंदरकांड का पाठ करने से वे शांत होते हैं।

    हनुमान बाहुक

    गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित हनुमान बाहुक भगवान हनुमान को समर्पित बेहद शक्तिशाली और चमत्कारी स्तोत्र है। हनुमान बाहुक का पाठ खासतौर से उन लोगों को करना चाहिए जिन्हें शारीरिक पीड़ाओं, गंभीर बीमारियों और मानसिक अशांति का सामना करते हैं। यह स्तोत्र नकारात्मक ऊर्जा का नाश करने के साथ व्यक्ति के मन को शांत और सकारात्मकता प्रदान करता है।

    हनुमान अष्टक

    हनुमान अष्टक जिसे संकटमोचन हनुमाष्टक भी कहते हैं। इसका पाठ करने से जीवन की समस्त गंभीर संकट, डर और बाधाएं दूर होती हैं। इसका रोजाना पाठ करने से शांति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। इसके साथ जो भी लोग मंगल ग्रह से जुड़े अशुभ प्रभावों का सामना कर रहे हैं, उन्हें इससे मुक्ति मिलती है।

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।