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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Aaj ka Panchang 27 February 2025: फाल्गुन अमावस्या पर 'शिववास' समेत बन रहे हैं 5 अद्भुत संयोग, पढ़ें पंचांग

    By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Thu, 27 Feb 2025 08:33 AM (IST)

    गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन भक्ति भाव से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। साथ ही गुरुवार का व्रत रखा जाता है। फाल्गुन अमावस ...और पढ़ें

    Aaj ka Panchang 27 February 2025 पंचांग से जानें शुभ मुहूर्त।
    Aaj ka Panchang 27 February 2025 पंचांग से जानें शुभ मुहूर्त।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, गुरुवार 27 फरवरी यानी आज फाल्गनु अमावस्या है। इस शुभ अवसर पर बड़ी संख्या में साधक गंगा समेत पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। साथ ही देवों के देव महादेव की पूजा कर रहैं। पितृ दोष से छुटकारा पाने और पितरों को प्रसन्न करने के लिए व्यक्ति अपने पूर्वजों का तर्पण एवं पिंडदान कर रहे हैं।

    ज्योतिषियों की मानें तो फाल्गुन अमावस्या पर दुर्लभ शिव योग का संयोग बन रहा है। इसके साथ ही कई अन्य मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में गंगा स्नान करने और भगवान शिव की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी। आइए, पंडित हर्षित शर्मा जी से जानते हैं आज का पंचांग और शुभ मुहूर्त (Today Puja Time) के विषय में।

    आज का पंचांग (Aaj ka Panchang 27 February 2025)

    • सूर्योदय - सुबह 06 बजकर 48 मिनट पर
    • सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 20 मिनट पर
    • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05 बजकर 08 मिनट से 05 बजकर 58 मिनट तक
    • विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 29 मिनट से 03 बजकर 15 मिनट तक
    • गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 17 मिनट से 06 बजकर 42 मिनट तक
    • निशिता मुहूर्त - रात्रि 12 बजकर 09 मिनट से रात 12 बजकर 58 मिनट तक
    • राहुकाल - दोपहर 02 बजे से 03 बजकर 27 मिनट तक
    • गुलिक काल - सुबह 09 बजकर 41 मिनट से 11 बजकर 08 मिनट तक
    • दिशा शूल - दक्षिण

    फाल्गुन अमावस्या शुभ मुहूर्त (Falgun Amavasya Shubh Muhurat)

    फाल्गुन अमावस्या 27 फरवरी को सुबह 08 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगी और 28 फरवरी को सुबह 06 बजकर 14 मिनट पर अमावस्या का समापन होगा। साधक अपनी सुविधा अनुसार समय पर गंगा स्नान कर भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं।

    शुभ योग (Falgun Amavasya Shubh Yoga)

    ज्योतिषियों की मानें तो फाल्गुन अमावस्या पर शिव योग और सिद्धि योग (Falgun Amavasya Siddha Yog benefits) का संयोग बन रहा है। इसके साथ ही धनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र का संयोग है। वहीं, फाल्गुन अमावस्या पर शिववास योग का भी संयोग पूर्ण रात्रि तक है। इन योग में भगवान शिव की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी। भगवान शिव का अभिषेक करने से साधक के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।