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आज का पंचांग 03 सितंबर: गुरुवार के दिन विष्णु जी की पूजा के लिए जानें अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति

Published: Thu, 03 Sep 2026 06:00 AM (IST)

आज 3 सितंबर 2026, गुरुवार का पंचांग भाद्रपद कृष्ण सप्तमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र और मेष व वृषभ राशि में चंद्रमा ...और पढ़ें

गुरुवार 3 सितंबर 2026 का पंचांग

गुरुवार 3 सितंबर 2026 का पंचांग

आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। आज 03 सितंबर 2026, गुरुवार का दिन है। आज का पंचांग आपकी तिथि और मुहूर्त के कन्फ्यूजन को दूर करने में मदद करेगा। आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है, जो 4 सितंबर की सुबह 2 बजकर 25 मिनट तक रहेगी और इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी।

आज गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आज चंद्रमा मेष राशि में सुबह 7 बजकर 25 मिनट तक रहेंगे फिर वृषभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे और सूर्य आज सिंह राशि में स्थित है। आज का नक्षत्र कृत्तिका है।

पंचांग में दिए गए शुभ और अशुभ मुहूर्त को देखकर आप अपने जरूरी काम कर सकते हैं। आइए जानते हैं गुरुवार के पंचांग को आसान भाषा में।

तिथि: कृष्ण पक्ष की सप्तमी – अगले दिन तड़के 02 बजकर 25 मिनट (4 सितंबर) तक, फिर अष्टमी तिथि

योग: व्याघात – सायं 06 बजकर 33 मिनट तक, फिर हर्षण

करण: विष्टि (भद्रा) – दोपहर 03 बजकर 27 मिनट तक

करण: बव – अगले दिन तड़के 02 बजकर 25 मिनट (4 सितंबर) तक, फिर बालव

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 06:00 बजे

सूर्यास्त का समय: सायं 06 बजकर 41 मिनट

चंद्रोदय का समय: रात्रि 10 बजकर 33 मिनट

चंद्रास्त का समय: दोपहर 11 बजकर 57 मिनट (4 सितंबर)

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: सिंह राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: मेष राशि में (प्रातः 07 बजकर 25 मिनट तक), फिर वृषभ राशि में प्रवेश

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक

अमृत काल: रात्रि 10 बजकर 12 मिनट से रात्रि 11 बजकर 43 मिनट तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 01 बजकर 55 मिनट से दोपहर 03 बजकर 30 मिनट तक

गुलिकाल: प्रातः 09 बजकर 10 मिनट से प्रातः 10 बजकर 45 मिनट तक

यमगण्ड: प्रातः 06:00 बजे से प्रातः 07 बजकर 35 मिनट तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव कृत्तिका नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

कृत्तिका नक्षत्र: अगले दिन मध्यरात्रि 12 बजकर 29 मिनट (4 सितंबर) तक, फिर रोहिणी

स्थान: 26°40’ मेष राशि से 10°00’ वृषभ राशि तक

नक्षत्र स्वामी: सूर्यदेव

राशि स्वामी: मंगलदेव और शुक्रदेव

देवता: अग्निदेव

प्रतीक: भाला या अस्त्र

सामान्य विशेषताएं:तेज बुद्धि, स्वाभिमानी, धार्मिक, परंपरावादी, क्रोधी, निडर, ऊर्जावान, प्रसिद्ध, विलासी, सामाजिक रूप से प्रभावशाली, कभी-कभी कठोर।

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