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    Akshaya Navami 2025 Date: 30 या 31 अक्टूबर, कब है अक्षय नवमी? यहां पत करें सही तिथि और योग

    Updated: Wed, 22 Oct 2025 09:00 PM (IST)

    सनातन धर्म में कार्तिक मास का विशेष महत्व है, जो लक्ष्मी नारायण को समर्पित है। इस माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागृत होते ...और पढ़ें

    Akshaya Navami 2025 Date: अक्षय नवमी पर क्या करें और क्या न करें?

    Akshaya Navami 2025 Date: अक्षय नवमी पर क्या करें और क्या न करें?

    HighLights

    1. कार्तिक महीने में देवउठनी एकादशी मनाई जाती है।

    2. इस दिन लक्ष्मी नारायण जी की पूजा की जाती है।

    3. मां लक्ष्मी की पूजा करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में कार्तिक महीने का खास महत्व है। यह दिन पूर्णतया लक्ष्मी नारायण जी को समर्पित होता है। सनातन शास्त्रों में निहित है कि कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जगत के पालनहार भगवान विष्णु क्षीर सागर में योगनिद्रा से जागृत होते हैं।

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    भगवान विष्णु के जागृत होने की तिथि पर चातुर्मास समाप्त होता है। इस दिन से सभी प्रकार के शुभ काम किए जाते हैं। वहीं, देवउठनी एकादशी से दो दिन पहले अक्षय नवमी मनाई जाती है।

    अक्षय नवमी के दिन आंवले पेड़ की पूजा की जाती है। आसान शब्दों में कहें तो आंवले पेड़ को साक्षी मानकर लक्ष्मी नारायण जी की पूजा की जाती है। साथ ही आंवले पेड़ के नीचे भोजन पकाया जाता है। यह भोजन सबसे पहले भगवान शिव और विष्णु जी को भोग लगाया जाता है। आइए, अक्षय नवमी की सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानते हैं-

    अक्षय नवमी शुभ मुहूर्त

    वैदिक पंचांग के अनुसार, 30 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 06 मिनट पर कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि शुरू होकर 31 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 03 मिनट पर समाप्त होगी। इसके बाद कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि शुरू होगी।

    कब है अक्षय नवमी?

    हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष कीअष्टमी तिथि के अगले दिन अक्षय नवमी मनाई जाती है। इस साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 31 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 03 मिनट तक है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी पर पूर्वाह्न काल सुबह 06 बजकर 32 मिनट से लेकर 10 बजकर 03 मिनट तक है। इस प्रकार 31 अक्टूबर को अक्षय नवमी मनाई जाएगी।

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    अक्षय नवमी शुभ योग

    ज्योतिषियों की मानें तो कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर वृद्धि और रवि योग समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। वृद्धि योग का संयोग सुबह 06 बजकर 17 मिनट से पूर्ण रात्रि तक है। रवि योग दिन भर है। इसके साथ ही अक्षय नवमी पर शिववास योग का भी निर्माण हो रहा है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।