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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Akshaya Tritiya 2024: 10 मई को मनाई जाएगी अक्षय तृतीया, पूजा और खरीदारी से पहले जान लें शुभ योग-मुहूर्त

    Updated: Thu, 09 May 2024 09:12 AM (GMT+05:30)

    अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya 2024) का दिन बहुत अच्छा माना जाता है। इस दिन देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा होती है। इस बार यह पर्व 10 मई को मनाया ...और पढ़ें

    Akshaya Tritiya 2024: अक्षय तृतीया शुभ योग
    Akshaya Tritiya 2024: अक्षय तृतीया शुभ योग

    HighLights

    1. अक्षय तृतीया का दिन बेहद शुभ माना जाता है।
    2. इस दिन देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा होती है।
    3. इस बार यह पर्व 10 मई को मनाया जाएगा।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Akshaya Tritiya 2024: अक्षय तृतीया का दिन बेहद शुभ माना जाता है। इस पर्व को दीपावली की तरह ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन माता लक्ष्मी, भगवान विष्णु और कुबेर देव की पूजा के लिए समर्पित है। इस बार यह पर्व 10 मई, 2024 को मनाया जाएगा। ऐसा कहा जाता है कि जो लोग सच्चे भाव के साथ इस तिथि पर देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं और दान, खरीदारी आदि कार्य करते हैं उन्हें शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

    अक्षय तृतीया 2024 तिथि और समय

    अक्षय तृतीया 10 मई, शुक्रवार को प्रात: 4 बजकर 17 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन अगले दिन 11 मई सुबह 2 बजकर 50 मिनट पर होगा। इसके अलावा अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त 10 मई सुबह 5 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। ऐसा कहा जाता है कि इस दौरान किए जाने वाले सभी कार्य में सफलता मिलती है। साथ ही धन में वृद्धि होती है।

    अक्षय तृतीया शुभ योग

    अक्षय तृतीया की पूजा का समय 10 मई, 2024 सुबह 05 बजकर 13 मिनट से 11 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। वहीं, लाभ चौघड़िया मुहूर्त सुबह 06 बजकर 51 मिनट से सुबह 08 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। इसके साथ ही अमृत ​​चौघड़िया मुहूर्त सुबह 08 बजकर 28 मिनट से सुबह 10 बजकर 06 मिनट तक रहेगा। इसके बाद फिर शुभ चौघड़िया मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 01 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।

    ज्योतिष की दृष्टि में इन योगों को बेहद शुभ माना गया है। कहा जाता है कि ये सभी योग किसी भी शुभ कार्यों के लिए लाभकारी होते हैं।

    देवी लक्ष्मी की पूजा का मंत्र

    • पद्मानने पद्म पद्माक्ष्मी पद्म संभवे तन्मे भजसि पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम्
    • ॐ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:

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