यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Akshaya Tritiya 2025: अक्षय तृतीया पर इन जगहों पर जलाएं दीपक, सुख-समृद्धि की नहीं होगी कमी
पौराणिक मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर किए गए पुण्य कार्यों जैसे जप-तप यज्ञ पितृ-तर्पण दान-पुण्य आदि का फल जीवन भर बना रहता है। यही कारण है कि इसे अक्ष ...और पढ़ें

HighLights
- 30 अप्रैल को मनाई जाएगी अक्षय तृतीया।
- एक अबूझ मुहूर्त भी मानी जाती है यह तिथि।
- पुण्य कार्य करने के लिए खास मानी गई है यह तिथि।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर अक्षय तृतीया का पर्व (Akshaya Tritiya 2025) मनाया जाता है। ऐसे में इस साल यह पर्व बुधवार 30 अप्रैल 2025 को मनाया जाएगा। अक्षय तृतीया को एक अबूझ मुहूर्त भी माना गया है।
अक्षय तृतीया शुभ मुहूर्त (Akshay Tritiya Shubh Muhurat)
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 30 अप्रैल को शाम 05 बजकर 29 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 30 अप्रैल को दोपहर 02 बजकर 12 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन पूजा का मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहेगा -
अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त - प्रातः 05 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक
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शाम के समय यहां जलाएं दीपक
हिंदू धर्म में तुलसी को भी लक्ष्मी जी का ही स्वरूप माना गया है। ऐसे में अक्षय तृतीया की शाम को तुलसी के समक्ष एक घी का दीपक जरूर जलाएं। इसी के साथ अक्षय तृतीया की शाम को मुख्य दरवाजे पर दीपक जलाएं, क्योंकि यह समय मां लक्ष्मी के आगमन का समय माना जाता है। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आपके घर में प्रवेश करती हैं।
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मिलेगा धन-संपत्ति का आशीर्वाद
अक्षय तृतीया की शाम को उत्तर दिशा में दीपक जलाना चाहिए, क्योंकि इस दिशा को भगवान कुबेर और धन की देवी लक्ष्मी की दिशा माना गया है। ऐसे में अक्षय तृतीया के दिन इस दिशा में दीपक जलाने से जातक को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। इसी के साथ घर की छत पर भी दीपक जलाना काफी शुभ माना गया है।
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(Picture Credit: Freepik)
बनी रहेगी असीम कृपा
सुख-समृद्धि के लिए अक्षय तृतीया के दिन घर के मंदिर के साथ-साथ अपने घर के आसपास के मंदिर में भी दीपक जला सकते हैं। इसके साथ ही अगर आपके आसपास कोई कुआं या अन्य जल स्रोत है, तो उसके पास भी अक्षय तृतीया की रात को एक दीपक जरूर जलाएं। ऐसा करने से साधक के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
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