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    Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर जरूर करें इन चीजों का दान, मिलेगा विशेष पुण्य

    Updated: Sun, 19 Apr 2026 02:10 PM (GMT+05:30)

    हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माने जाने वाले महापर्व अक्षय तृतीया को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व अक्षय फल प्रदान करने वाला होता है, जहाँ ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, हजारीबाग। हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माने जाने वाले महापर्व अक्षय तृतीया का आयोजन इस वर्ष सोमवार को श्रद्धा और आस्था के साथ किया जाएगा। वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व अक्षय फल प्रदान करने वाला माना जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए शुभ कार्यों का कभी क्षय नहीं होता, इसलिए इसे सर्वसिद्ध मुहूर्त भी कहा जाता है। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. संजय सिंह, ज्योतिषाचार्य ने इस संदर्भ में कहा कि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु के अवतार नर-नारायण, परशुराम तथा हयग्रीव का अवतरण हुआ था। यही कारण है कि इस तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है।

    इस दिन विवाह, गृह प्रवेश, खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत बिना किसी मुहूर्त के भी की जा सकती है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, पूजा-पाठ, जप-तप, हवन और दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान का भी विशेष महत्व बताया गया है।

    मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और दान-पुण्य का सिलसिला चलता रहता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह दिन विशेष रूप से शुभ होता है। विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, वस्त्र एवं आभूषण की खरीदारी, भूमि या वाहन क्रय जैसे सभी मांगलिक कार्य इस दिन किए जा सकते हैं।

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    मान्यता यह भी है कि इसी दिन सतयुग और त्रेतायुग का आरंभ हुआ था। धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान कृष्ण ने युधिष्ठिर को इस तिथि के महत्व के बारे में बताया था कि इस दिन किए गए हर शुभ कार्य का फल अनंत होता है।

    इसी कारण देश के विभिन्न राज्यों में इस दिन हजारों विवाह भी संपन्न होते हैं। इस दिन तिल, जौ और चावल का दान विशेष फलदायी माना जाता है। साथ ही मिट्टी के घड़े का दान करना भी शुभ माना गया है। श्रद्धालु प्रातःकाल स्नान कर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और व्रत रखकर पुण्य अर्जित करते हैं।