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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Astrology Tips: किस भगवान की कितनी बार करें परिक्रमा जिससे मिले मनचाहा फल, जानें नियम व गिनती

    By Jagran NewsEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Mon, 02 Jan 2023 07:24 PM (IST)

    Astrology Tips देवी-देवताओं की परिक्रमा करना अश्वमेघ यज्ञ के पुण्य के समान होता है। सनातन धर्म में देवी-देवताओं की परिक्रमा का खास विधान है। तो चलिए ज ...और पढ़ें

    जानें परिक्रमा करने से जुड़े ये नियम
    जानें परिक्रमा करने से जुड़े ये नियम

    नई दिल्ली, Astrology Tips: हम जब भी मंदिर जाते हैं, तो देवी-देवताओं की परिक्रमा करते हैं। कहते हैं कि मंदिर की परिक्रमा करना पुण्य करने के बराबर होता है। हम परिक्रमा कर अपने इष्ट देव को प्रसन्न करते हैं और अपनी मनोकामना मांगते हैं। परिक्रमा करना हिंदू धर्म में बहुत पवित्र और शुभ कार्य माना जाता है। हालांकि इसके बावजूद हम में से कुछ लोग ये बात नहीं जानते होंगे कि किस देवी-देवता की कितनी बार परिक्रमा करना सही होता है। आज हम अपने लेख में यही बताने जा रहे हैं कि किस देवी या देवता की कितनी बार परिक्रमा करनी चाहिए। तो चलिए जानते हैं।

    परिक्रमा करने के नियम

    सनातन धर्म में उल्लेखनीय है कि परिक्रमा करना पुण्य का काम होता है। यदि दंडवत परिक्रमा की जाए तो अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य की प्राप्ति होती है। कहते हैं कि किसी भी देवी-देवता की परिक्रमा का प्रण लें, तो बीच में परिक्रमा को अधूरा न छोड़ें। ऐसा करना अशुभ होता है। परिक्रमा का एक खास नियम होता है कि जहां से उसे शुरू किया गया है, वह वहीं पर खत्म भी होनी चाहिए। इसके साथ ही परिक्रमा के वक्त बिल्कुल शांत रहें और मन में इष्ट देव को याद करें तो शुभ होगा। ऐसा करने से परिक्रमा सफल होती है और उसका लाभ भी मिलता है।

    हिंदू धर्म के अनुसार देवी-देवताओं की परिक्रमा करने के कुछ नियम-

    • ऐसे में हम सबसे पहले देवों के देव महादेव की बात करेंगे। महादेव यानि कि शंकर भगवान की परिक्रमा पूरी नहीं करनी चाहिए। कहते हैं कि सोम सूत्र को लांघना सही नहीं होता है।
    • बता दें कि सोम सूत्र शिवलिंग से जुड़ी पतली सी नाल को कहते हैं। उस नाल से शिवलिंग पर चढ़े दूध या जल की धार बहती है। इसे लांघना नहीं चाहिए वरना अशुभ होता है।
    • वहीं मां दुर्गा के मंदिर की सिर्फ एक परिक्रमा करनी चाहिए।
    • इसके साथ ही भगवान गणेश की तीन बार परिक्रमा की जाती है।
    • वहीं विष्णु भगवान की परिक्रमा चार बार होती है। बाकी के सभी देवी-देवताओं की परिक्रमा तीन बार की जानी चाहिए।

    डिसक्लेमर- इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।

    Picture Courtesy: Freepik