यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Vastu Tips: आप भी खरीद रहे हैं पानी का घड़ा, जान लीजिए किस दिशा में रखने से मिलेगा फायदा
Vastu Tips घर में पानी को रखने के लिए यदि आपने गलत स्थान चुन लिया है तो आपको आर्थिक और मानसिक परेशनियों का सामना करना पड़ सकता है। सही दिशा का चुनाव क ...और पढ़ें

HighLights
- ईशान कोण को जल के देवता वरुण की दिशा माना जाता है।
- ईशान कोण के स्वामी बृहस्पति हैं, जो ज्ञान और सफलता देते हैं।
- गलत दिशाओं में पानी रखने से हो सकती है आर्थिक परेशानी।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Vastu Tips: गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है। अब जगह-जगह पर प्यास बुझाने के लिए मिट्टी के घड़े बिकते हुए दिखने लगे हैं। हालांकि, आजकल हर घर में फ्रिज होता है। मगर, जो शीतलता घड़े या सुराही के पानी से मिलती है, उसका कोई जवाब नहीं। उसकी ठंडक से आत्मा तृप्त हो जाती है।
अगर, आप इस घड़े को घर में सही दिशा में रखेंगे, तो प्यास भी बुझेगी और कई तरह के फायदे भी आप उठा सकते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि चीजों को सही दिशा में रखा जाए, तो यह सफलता के रास्ते खोल सकती हैं।
यदि आपने घर में वाटर एलिमेंट को ठीक कर लिया, तो इसकी पॉजिटिव एनर्जी आपकी कई तरह की परेशानियों को दूर कर देगी। धन की आवाक बढ़ने के साथ ही यह आपके ज्ञान और पद प्रतिष्ठा को भी बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। तो देर किस बात की है, जानते हैं कि घड़े को किस दिशा में रखना आपके लिए होगा बेहतर…
उत्तर दिशा में पानी रखने से आती है सुख-शांति
वास्तु शास्त्र के अनुसार, पानी को उत्तर दिशा या उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में रखना शुभ माना जाता है। इसका कारण यह है कि उत्तर दिशा देवताओं की होती है, वहां पानी का स्थान बनाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
खबरें और भी
करियर में ग्रोथ के लिए ईशान कोण में रखें पानी
वहीं, ईशान कोण को जल के देवता वरुण की दिशा माना जाता है। उस क्षेत्र में जल भरने के बर्तन रखना और पानी रखना शुभ होता है। इस दिशा के स्वामी ग्रह देव गुरु बृहस्पति भी होते हैं, जो किसी व्यक्ति को ज्ञान, वृद्धि और सफलता दिलाने के लिए जिम्मेदार होते हैं।
यह भी पढ़ें- अंतिम संस्कार के समय शव के सिर पर तीन बार मारा जाता है डंडा, क्यों जरूरी है कपाल क्रिया
ईशान कोण में पानी रखने से घर के सदस्यों को ज्ञान मिलता है और करियर में सफलता आसानी से मिलती है। इससे पदोन्नति भी जल्दी होती है और घर पर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
ईशान कोण यदि संतुलित हो, तो ऐसे लोगों की वंश वृद्धि, सुख-संपन्नता और यश-कीर्ति में बढ़ोतरी होती है। वहीं, गलत दिशाओं में पानी का स्थान बनाने से आर्थिक और मानसिक परेशानी हो सकती है।
यह भी पढ़ें- 100 यज्ञों का फल देती है अपरा एकादशी, पांडवों ने इस व्रत को करके जीता था महाभारत का युद्ध
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।